Jaunpur: पुलिस की वर्दी और पद की आड़ में कथित जबरन वसूली व लूट के दो मामलों में कार्रवाई तेज हो गई है। जलालपुर और सुरेरी थाने में दर्ज मुकदमों की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने सुरेरी के तत्कालीन थानाध्यक्ष उपनिरीक्षक दिव्य प्रकाश सिंह समेत दो आरोपितों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। आरोपी थानाध्यक्ष की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
जानिए क्या है पूरा मामला?
एसआईटी की जांच में पुलिसकर्मियों की भूमिका सामने आने के बाद सुरेरी थाने में तैनात रहे निलंबित सिपाही सत्येंद्र कुमार गौड़ और विष्णु सिंह को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं जलालपुर मामले में नामजद संकीत सिंह और विकास ने पुलिस की दबिश के बीच 23 सितंबर को न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। सुरेरी मामले में 22 सितंबर को दर्ज मुकदमे में राजेंद्र दूबे समेत अन्य लोगों को आरोपित बनाया गया है। शिकायत के मुताबिक पीड़ित को बुलाकर सादे कपड़ों में मौजूद लोगों ने कथित तौर पर खुद को पुलिसकर्मी बताया और वाहन में बैठाकर करीब 1.65 लाख रुपये की रकम वसूल की। आरोप है कि रकम यूपीआई के माध्यम से वंशनरायन गिरी के खाते में भी भेजी गई। जांच में पुलिसकर्मियों की भूमिका सामने आने पर तत्कालीन थानाध्यक्ष दिव्य प्रकाश सिंह को निलंबित किया गया। अब उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस सक्रिय है। दूसरा मामला जलालपुर थाने का है, जिसमें पीड़ित से कथित मारपीट, धमकी और करीब 2.15 लाख रुपये यूपीआई के जरिए विभिन्न खातों में स्थानांतरित कराने का आरोप लगाया गया है। एटीएम से रकम निकाले जाने की बात भी सामने आई है।
दोनों मामलों की जांच के लिए वाराणसी परिक्षेत्र के डीआईजी ने पांच सदस्यीय एसआईटी गठित की है। अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण आतिश कुमार सिंह के पर्यवेक्षण में एएसपी/सीओ सिटी गोल्डी गुप्ता के नेतृत्व में जांच चल रही है। एसआईटी अब खातों, यूपीआई लेनदेन, मोबाइल नंबरों और आरोपितों के आपसी संपर्क की पड़ताल कर रही है। अधिकारियों के अनुसार विवेचना में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।














