बॉलीवुड के मशहूर कॉमेडियन राजपाल यादव को चेक बाउंस और लोन भुगतान से जुड़े मामले में फिलहाल जमानत नहीं मिली है। गुरुवार को दिल्ली हाईकोर्ट में उनकी जमानत याचिका पर हुई सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा ने मामले को सोमवार तक के लिए स्थगित कर दिया। इस फैसले के साथ राजपाल यादव को अगले कुछ दिनों तक तिहाड़ जेल में ही रहना होगा।
कोर्ट में सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा ने साफ टिप्पणी की कि “जेल जाने की यह स्थिति अभिनेता की अपनी वजहों से बनी है।” बेंच ने यह भी कहा कि मामले में अभी कई पहलुओं पर और स्पष्टता की आवश्यकता है। जमानत याचिका पर दोनों पक्षों की विस्तृत दलीलें सुनने के बाद ही अंतिम फैसला लिया जाएगा। इसीलिए कोर्ट ने सुनवाई को सोमवार तक टाल दिया।
यह मामला वर्ष 2015-16 का है, जब एक फिल्म प्रोडक्शन कंपनी ने राजपाल यादव पर 11 लाख रुपये के चेक बाउंस का केस दर्ज कराया था। लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद हाल ही में गिरफ्तारी की आशंका बढ़ गई थी। इसके बाद अभिनेता ने सरेंडर कर दिया और तब से वह तिहाड़ जेल में बंद हैं। जमानत याचिका में उनके वकीलों ने तर्क दिया कि राजपाल यादव ने जांच में पूरा सहयोग किया है, वे उम्रदराज हैं और स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं। साथ ही यह मामला केवल आर्थिक विवाद से जुड़ा है, इसमें कोई गंभीर अपराध नहीं है।
दूसरी ओर अभियोजन पक्ष ने जमानत का पुरजोर विरोध किया। उन्होंने कहा कि आरोपी ने जानबूझकर चेक बाउंस किया और लंबे समय से भुगतान से बचते रहे हैं। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया और सुनवाई को सोमवार तक के लिए टाल दिया।
इस खबर के बाद सोशल मीडिया पर राजपाल यादव के फैंस में मिश्रित प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग तुरंत जमानत देने की मांग कर रहे हैं और उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता जता रहे हैं, तो कुछ लोग कह रहे हैं कि कानून सबके लिए बराबर है और प्रक्रिया पूरी होनी चाहिए। राजपाल यादव के करीबी सूत्रों ने बताया कि अभिनेता इस फैसले से निराश हैं, लेकिन सोमवार की सुनवाई में पूरी उम्मीद रख रहे हैं।
अब सभी की नजरें सोमवार को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं। अगर सोमवार को भी जमानत नहीं मिली तो राजपाल यादव को तिहाड़ जेल में और समय बिताना पड़ सकता है। कोर्ट का अंतिम फैसला इस मामले में निर्णायक होगा।
INPUT-ANANYA MISHRA












































