उत्तर प्रदेश विधानमंडल का बजट सत्र आज से पूरी तरह सक्रिय हो गया है। विधानसभा और विधान परिषद दोनों सदनों में वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट पर विस्तृत चर्चा शुरू होगी। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना पहले विधायकों को बजट पर अपने विचार रखने का मौका देंगे। विभिन्न दलों के विधायक बजट की कमियों, विकास योजनाओं, महंगाई, बेरोजगारी, किसान कल्याण और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में हैं।
सत्र के पहले दिन राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने विधानमंडल के संयुक्त अधिवेशन में अभिभाषण दिया था। इसके बाद वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट सदन में पेश की। अब आम बजट पर विधायकों की चर्चा शुरू हो रही है। अध्यक्ष सतीश महाना ने स्पष्ट किया है कि सदन में रचनात्मक बहस होनी चाहिए और नारेबाजी या हंगामे से काम नहीं चलेगा। उन्होंने विधायकों से अपील की है कि वे जनता के मुद्दों पर ठोस सुझाव दें।
विपक्षी दल (समाजवादी पार्टी और कांग्रेस) ने पहले ही संकेत दिए हैं कि वे बजट चर्चा को सरकार के खिलाफ मुद्दा बनाने की कोशिश करेंगे। सपा विधायकों का कहना है कि बजट में महंगाई, बेरोजगारी और किसानों की समस्याओं पर कोई ठोस प्रावधान नहीं है। वहीं सत्ता पक्ष (भाजपा) का दावा है कि योगी सरकार का यह बजट विकास और जनकल्याण पर केंद्रित होगा।
बजट चर्चा के दौरान विभिन्न विभागों के अनुदान पर भी बहस होगी। विपक्ष द्वारा कटौती प्रस्ताव लाए जाने की संभावना है। इस सत्र में कई महत्वपूर्ण विधेयक भी पेश किए जाने हैं।
यह बजट सत्र 2027 विधानसभा चुनाव से ठीक एक साल पहले हो रहा है, इसलिए दोनों पक्षों के लिए यह काफी अहम है। सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या सदन में रचनात्मक बहस होगी या फिर हंगामा और स्थगन का दौर फिर शुरू हो जाएगा।
INPUT-ANANYA MISHRA












































