‘डॉ. रमीज, पिता और काज़ी के साथ मिलकर चला रहा था धर्मांतरण नेटवर्क…’, KGMU धर्मांतरण मामले में बड़ा खुलासा

UP: केजीएमयू के रेजिडेंट डॉक्टर रमीज पर गंभीर आरोप सामने आए हैं। जांच में खुलासा हुआ है कि रमीज अपने पिता सलीमुद्दीन और पीलीभीत के फीलखाना मोहल्ला निवासी काजी जाहिद हसन राना के साथ मिलकर धर्मांतरण का एक संगठित नेटवर्क चला रहा था। पुलिस की तफ्तीश में यह भी चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है कि सलीमुद्दीन के साथ जेल गई उसकी पत्नी खतीजा पंजाबी समुदाय से थी।

परिवारिक पृष्ठभूमि और कथित भूमिका

पुलिस के अनुसार, आरोपी के पिता ने वर्षों पहले दूसरा निकाह किया था और परिवार के भीतर से ही कट्टर विचारधारा को बढ़ावा देने के संकेत मिले हैं। जांच में यह भी दावा किया गया है कि आरोपी और उसके सहयोगी विशेष समुदाय के प्रति नफरत फैलाने और युवाओं को प्रभावित करने का प्रयास करते थे। इन आरोपों की पुष्टि के लिए पुलिस बयान और डिजिटल साक्ष्य जुटा रही है।

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क्लीनिक, संपर्क और संदिग्ध गतिविधियां

बताया जा रहा है कि आरोपी के पिता उत्तराखंड में एक क्लीनिक चलाते थे, जहां इलाज के बहाने लोगों से संपर्क बढ़ाने की कोशिश की जाती थी। वहीं, रेजिडेंट डॉक्टर के कई महिलाओं से संपर्क में होने और उन्हें शहर के एक फ्लैट पर ले जाने के आरोप हैं। पुलिस ने मोबाइल फोन से मिले डेटा के आधार पर ऑनलाइन माध्यमों से मादक पदार्थ मंगाने जैसे दावों की भी जांच शुरू की है।

धार्मिक सभाएं और आर्थिक जांच

पुलिस का कहना है कि आरोपी और उसके सहयोगी कथित तौर पर बंद कमरों में धार्मिक शिक्षाओं के नाम पर सभाएं आयोजित करते थे और विभिन्न जिलों में यात्राएं करते थे। फिलहाल, सभी आरोपियों के बैंक खातों की जांच जारी है ताकि लेन-देन और संभावित फंडिंग स्रोतों का पता लगाया जा सके। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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