पीलीभीत: भारतीय किसान यूनियन टिकैत के कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट में ट्रैक्टर ट्रॉलियों के साथ पहुंच गए और धरने पर बैठ गए। कार्यकर्ताओं ने समय से धान खरीद शुरू न होने का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की। संगठन का आरोप है कि नमी मापन यंत्र में हेरफेर कर किसानों को परेशान किया जा रहा है। साथ ही आवारा पशुओं से फसलों को बचाने के लिए संरक्षण की उचित व्यवस्था न करने का भी आरोप है। पदाधिकारियों ने किसान और जनसमस्याओं को लेकर प्रशासन के समक्ष कई मांगें उठाईं है।
संगठन के जिलाध्यक्ष गुरदीप गोगी की ओर से दिए गए मांगपत्र में एलएच शुगर फैक्टरी से नदी में छोड़े जा रहे गंदे पानी, जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं, बिलसंडा में आवास योजना में कथित अनियमितताओं, बिजली कटौती और मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री समेत विभिन्न मुद्दे उठाए गए। यूनियन का आरोप है, कि चीनी मिल से बिना समुचित ट्रीटमेंट के गंदा पानी नदी में छोड़ा जा रहा है। इससे दुर्गंध और प्रदूषण फैलने के साथ पशुओं के बीमार होने की समस्या है। मिल के पानी का शोधन कराने की मांग की गई है।
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जिला अस्पताल में बाहर की दवाएं लिखे जाने पर रोक लगाने, अस्पताल से दवाएं उपलब्ध कराने और गर्भवती महिलाओं से ऑपरेशन के नाम पर कथित वसूली की जांच कराने की मांग की गई। बिलसंडा ब्लॉक में आवास योजना की पांच सदस्यीय कमेटी से जांच कराने तथा अपात्र लाभार्थियों से रिकवरी की मांग भी रखी गई। यूनियन ने चार किलोवाट के कनेक्शनों को पांच किलोवाट किए जाने की शिकायत करते हुए लोड पूर्ववत करने और ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे बिजली आपूर्ति की मांग की। आवारा पशुओं को गोशालाओं में भेजने और फसल नुकसान का मुआवजा दिलाने की मांग की गई। मिलावटी दूध, पनीर, घी और खाद्य पदार्थों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने की भी मांग उठाई गई। यूनियन ने समस्याओं का समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।














