हरिद्वार के मंदिर में 23 साल बाद मिला पिता-पुत्र, भावुक कर देगा मिलन

हरिद्वार.

कोई पुण्य की चाह लेकर गंगा दर्शन के लिए आता है तो कोई मनोकामना लेकर पौराणिक मंदिरों के दर्शन करता है। लेकिन बिहार के एक युवक को तीर्थ यात्रा का त्वरित फल बिछुड़े हुए पिता के रूप में मिला। 23 साल से पिता को ढूंढ रहे युवक और उनके परिवार की उम्मीद अब टूट चुकी थी।

मगर कनखल के पौराणिक दक्षेश्वर महादेव मंदिर में अचानक पिता सामने आ गए। पिता का चेहरा बदल चुका था, दाढ़ी और बाल बढ़े हुए थे, लेकिन बेटे की आंखों ने उन्हें पहचानने में एक पल भी नहीं लगाया। फिर जो हुआ, उसने वहां मौजूद लोगों को भी भावुक कर दिया। 23 साल की जुदाई एक पल में खत्म हुई और पिता-पुत्र एक-दूसरे से लिपट गए। दोनों की आंखों से आंसू बहने लगे। यह मिलन किसी चमत्कार से कम नहीं था।

साल 2003 में छोड़ा था घर
बिहार के औरंगाबाद जिले के वेलसार निवासी 70 वर्षीय जवाहर मिस्त्री करीब 23 साल पहले घर छोड़कर चले गए थे। उनके अचानक लापता होने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। बेटे शशि कुमार शर्मा और अन्य स्वजन ने उन्हें ढूंढने के लिए काफी प्रयास किए, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल सकी। धीरे-धीरे साल गुजरते गए और पिता से मिलने की उम्मीद धुंधली पड़ती गई।

उधर, जवाहर मिस्त्री हरिद्वार में ही इधर-उधर घूमकर किसी तरह अपना जीवन यापन कर रहे थे। दो दिन पहले शशि कुमार अपने स्वजन के साथ तीर्थयात्रा पर हरिद्वार पहुंचे। यहां कनखल स्थित दक्षेश्वर महादेव मंदिर में दर्शन करने के दौरान उनकी नजर एक बुजुर्ग पर पड़ी। बढ़ी हुई दाढ़ी और बाल के बीच छिपे चेहरे को देखते ही उन्हें अपने पिता का अहसास हुआ। पास जाकर देखा तो वर्षों से जिस चेहरे को देखने की आस थी, वह सामने था। जवाहर मिस्त्री को बेटे ने पहचान लिया। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और पिता-पुत्र से बातचीत कर जानकारी ली। इंस्पेक्टर कनखल देवेंद्र रावत ने बताया कि शशि कुमार अपने पिता और अन्य स्वजन के साथ ट्रेन से बिहार रवाना हो गए हैं।

शशि बोले, भगवान का साक्षात आशीर्वाद
शशि कुमार का कहना था कि 23 साल तक पिता को तलाशते रहे, लेकिन कोई पता नहीं चला। अब हरिद्वार में भगवान के दर्शन करने आए तो महादेव ने उन्हें पिता से मिला दिया। यह भगवान का साक्षात आशीर्वाद है।