‘आई-कार्ड से कैशलेस इलाज तक…’, यूपी में पत्रकारों के लिए सीएम योगी का बड़ा ऐलान

UP: सीएम योगी (CM Yogi) ने कहा कि योग्य और सक्रिय पत्रकारों (Journalists) को आधिकारिक मान्यता प्रमाणपत्र और आई-कार्ड (I-Card) मिलना चाहिए, ताकि उनकी पहचान स्पष्ट बनी रहे। उन्होंने यह भी बताया कि इससे पत्रकारों को विभिन्न स्थानों पर काम करते समय किसी तरह की पहचान संबंधी परेशानी नहीं होगी। साथ ही, सरकार उन्हें कैशलेस स्वास्थ्य सुविधाओं से जोड़ने की दिशा में काम कर रही है, जिससे जरूरत पड़ने पर उन्हें तुरंत सहायता मिल सके।

पत्रकारों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा की आवश्यकता

मुख्यमंत्री ने कहा कि पत्रकार समाज की आवाज उठाते हैं, लेकिन जब वे स्वयं किसी कठिनाई या बीमारी का सामना करते हैं, तो अक्सर उनकी मदद के लिए कोई सामने नहीं आता। कई बार सूचना के अभाव में सरकार भी समय पर सहायता नहीं कर पाती। इस स्थिति को सुधारने के लिए गोरखपुर में प्रेस क्लब के माध्यम से एक व्यवस्थित तंत्र विकसित किया गया है, ताकि पत्रकारों को समय पर सहयोग मिल सके।

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मीडिया के विभिन्न स्वरूपों में समन्वय जरूरी

अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि आज पत्रकारिता कई रूपों में विकसित हो चुकी है, प्रिंट, विजुअल, डिजिटल और सोशल मीडिया। हर माध्यम की अपनी भूमिका और प्रभाव है, लेकिन इनके बीच बेहतर समन्वय होना जरूरी है। यदि एक ही खबर अलग-अलग माध्यमों में अलग तरीके से प्रस्तुत की जाती है, तो इससे आम जनता के बीच भ्रम की स्थिति पैदा होती है।

पत्रकारिता के मूल्यों को बनाए रखने की अपील

मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से अपील की कि वे अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए पत्रकारिता के मूल्यों और आदर्शों का पालन करें। उन्होंने कहा कि भारत में पत्रकारिता की परंपरा समाज सेवा और राष्ट्रहित से जुड़ी रही है, इसलिए इसे बेलगाम होने से बचाना जरूरी है। सही और संतुलित जानकारी देना ही पत्रकारिता का मूल उद्देश्य होना चाहिए।

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भ्रामक खबरों से बचाव की अपील

उन्होंने यह भी कहा कि मीडिया के कुछ वर्ग ऐसे हैं जो गलत जानकारी फैलाकर समाज में भ्रम और अशांति पैदा करते हैं। ऐसी प्रवृत्तियों से बचना बेहद जरूरी है। यदि एक ही खबर को अलग-अलग तरीके से प्रस्तुत किया जाता है, तो यह जनविश्वास को कमजोर करता है। इसलिए सभी मीडिया माध्यमों को एक समान मानकों और सिद्धांतों के साथ काम करना चाहिए, जिससे समाज में विश्वास और स्थिरता बनी रहे।

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