गोंडा: 20 महीने से मानदेय का इंतजार, तरबगंज के 48 रोजगार सेवकों की बढ़ी मुश्किलें

गोंडा: गोंडा जिले के तरबगंज विकासखंड की 54 ग्राम पंचायतों में काम कर रहे करीब 48 रोजगार सेवकों को पिछले 20 महीने से वेतन नहीं मिला है। वेतन न मिलने से उनकी आर्थिक स्थिति बुरी तरह प्रभावित हुई है।रोजगार सेवक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष गिरजेश कुमार पाण्डेय उर्फ शशि पाण्डेय ने बुधवार को बताया कि मुख्यमंत्री ने सभी रोजगार सेवकों को 10,000 रुपये हर महीने देने की घोषणा की थी। हालांकि, उन्हें आज तक सिर्फ 7,700 रुपये ही मिलते हैं, वह भी समय पर नहीं।

उन्होंने बताया कि साल 2025-26 के 4 से 5 महीने का, 2024-25 और 2022-23 का भी वेतन बकाया है। तरबगंज में करीब 48 रोजगार सेवक हैं, जिनमें से कुछ को ही भुगतान मिला है। बाकी सभी का वेतन रुका हुआ है।इस वजह से उन्हें आने-जाने, काम करने और बच्चों के पालन-पोषण में परेशानी हो रही है। उन्होंने मांग की है कि मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार 10,000 रुपये का मानदेय लागू किया जाए।

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इस परेशानी को लेकर शनिवार को क्षेत्रीय विधायक प्रेम नारायण पांडे को एक ज्ञापन दिया जाएगा। इसमें बकाया वेतन दिलाने और 10,000 रुपये का मानदेय दिए जाने की मांग की जाएगी रोजगार सेवक अभिमन्यु, दिलीप कुमार, राजेश पांडे और सुनील मिश्रा ने बताया कि उन्हें 20 महीने के अलावा 3 महीने का पुराना वेतन भी बकाया है। इससे रोजमर्रा के खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है।

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