गोरखपुर। यूपी पुलिस के बड़े फेरबदल के बीच एक अनुभवी और तेजतर्रार अधिकारी को गोरखपुर की कमान सौंपी गई है। 2015 बैच के IPS डॉ. कौस्तुभ ने आज वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) के पद पर विधिवत कार्यभार ग्रहण कर लिया। पटना के मूल निवासी डॉ. कौस्तुभ ने एमबीबीएस पूरा करने के बाद सिविल सेवा का रास्ता चुना और अब गोरखपुर में दूसरी बार अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहे हैं।
कार्यभार ग्रहण के साथ सख्त संदेश
पदभार लेते ही नवागत एसएसपी ने स्पष्ट लहजे में कहा कि कानून-व्यवस्था में किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति लागू होगी और आम जनता का भरोसा कायम करना पुलिस की सबसे बड़ी प्राथमिकता रहेगी। उन्होंने कहा, “पुलिस का काम सिर्फ केस दर्ज करना नहीं, बल्कि अपराध की जड़ तक पहुंचना और उसे खत्म करना है।”
गोरखपुर से पुराना रिश्ता
डॉ. कौस्तुभ का गोरखपुर से गहरा नाता है। जुलाई 2019 में वे यहां एसपी सिटी के पद पर तैनात थे। उस दौरान अपराध पर लगाम कसने, ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने, महिला सुरक्षा बढ़ाने और संगठित अपराध के खिलाफ चलाए गए अभियानों ने उनकी छवि एक सख्त और सक्रिय अधिकारी के रूप में स्थापित कर दी थी। आज भी कई लोग उनके उस कार्यकाल को याद करते हुए कहते हैं कि उस समय गोरखपुर में अपराधियों में खौफ का माहौल था।
डॉक्टर से पुलिस अधिकारी तक का सफर
पटना में जन्मे और पढ़े-लिखे डॉ. कौस्तुभ ने मेडिकल की डिग्री (एमबीबीएस) हासिल की। लेकिन उनका रुझान प्रशासनिक सेवा की ओर हुआ। सिविल सेवा परीक्षा पास करने के बाद वे IPS बने। प्रशिक्षण काल से ही उनकी मेहनत, अनुशासन और प्रोफेशनल रवैया चर्चा में रहा।
कई संवेदनशील जिलों में जिम्मेदारी
गोरखपुर के बाद डॉ. कौस्तुभ ने महाराजगंज, अंबेडकरनगर, जौनपुर, वाराणसी और सोनभद्र जैसे जिलों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। सीमावर्ती और संवेदनशील इलाकों में काम करने का उन्हें लंबा अनुभव है, जिसके चलते वे जटिल परिस्थितियों को संभालने में माहिर माने जाते हैं।
मिले सम्मान
उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए केंद्र सरकार ने उन्हें दो बार सम्मानित किया:
– 2021 में डीजीएस कमेंडेशन डिस्क (सिल्वर)
– 2023 में डीजीएस कमेंडेशन डिस्क (गोल्ड)
पहले दिन की गतिविधियां और सख्त निर्देश
कार्यभार ग्रहण से पहले डॉ. कौस्तुभ गोरखनाथ मंदिर पहुंचे और वहां दर्शन-पूजन किया। इसके बाद पुलिस लाइन के राधा-कृष्ण मंदिर में मत्था टेका। पुलिस लाइन में उन्होंने वर्दी स्टोर, निर्माण कार्य और अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान कुछ पुलिसकर्मी बिना काम के इधर-उधर घूमते दिखे तो उन्होंने उन्हें तुरंत सख्त हिदायत दी कि अनुशासन में कोई ढील बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने सभी शाखाओं के प्रभारियों से मुलाकात की और व्यवस्थाओं की बारीकी से जानकारी ली। एक खास निर्देश यह भी दिया कि पुलिस लाइन और कार्यालयों में प्लास्टिक की बोतलें पूरी तरह बंद रहेंगी। अब पानी केवल कांच के गिलास में ही परोसा जाएगा।
गोरखपुर पुलिस को एक अनुभवी, पढ़े-लिखे और सिद्ध छवि वाले अधिकारी की कमान मिलने से जनता और पुलिसकर्मियों में उम्मीद की एक नई किरण जगी है। देखना यह है कि आने वाले दिनों में डॉ. कौस्तुभ की सख्त नीतियां अपराध के आंकड़ों पर कितना असर डालती हैं।
INPUT-ANANYA MISHRA








































