गोरखपुर: दिल्ली कूच करेंगे ब्राह्मण जन कल्याण समिति के हजारों कार्यकर्ता, UGC कानून के खिलाफ 8 मार्च को महारैली का ऐलान

गोरखपुर: चौरी चौरा, अखिल भारतीय ब्राह्मण जन कल्याण समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष कल्याण पांडेय के नेतृत्व में हजारों कार्यकर्ता 8 मार्च 2026 को दिल्ली के रामलीला मैदान में UGC (University Grants Commission) के नए नियमों (UGC Equity Regulations 2026) के विरोध में होने वाली बड़ी रैली में शामिल होंगे। यह रैली सवर्ण समाज समन्वय समिति और 40 से अधिक संगठनों के संयुक्त बैनर तले ‘UGC रोल बैक महा आंदोलन’ के रूप में आयोजित की जा रही है। समिति का दावा है कि UGC के नए नियम सामान्य वर्ग (सवर्ण) के खिलाफ भेदभावपूर्ण हैं और असंवैधानिक हैं, इसलिए इन्हें तुरंत रद्द किया जाना चाहिए।

UGC नियमों पर विवाद और विरोध की वजह

UGC ने 2026 में ‘Promotion of Equity in Higher Education Institutions Regulations’ जारी किए, जिनका उद्देश्य उच्च शिक्षा संस्थानों में जाति आधारित भेदभाव रोकना, SC/ST/OBC छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और इक्विटी कमेटियां गठित करना है। लेकिन सवर्ण समाज के संगठनों का आरोप है कि ये नियम सामान्य वर्ग के छात्रों-शिक्षकों के खिलाफ हैं, झूठी शिकायतों को बढ़ावा देंगे और असमानता पैदा करेंगे। विरोधी मांग कर रहे हैं कि नियम पूर्ण रूप से रोलबैक हों, सामान्य वर्ग को संवैधानिक संरक्षण मिले, कमेटियों में संतुलित प्रतिनिधित्व हो और झूठी शिकायतों पर सख्त सजा का प्रावधान हो। सुप्रीम कोर्ट ने इन नियमों पर स्टे लगाया था, लेकिन विवाद जारी है और अब दिल्ली में बड़ा प्रदर्शन होने वाला है।

Also Read: हरिद्वार से दिल्ली तक…संतों का 8 मार्च को UGC के ‘काले कानून’ के खिलाफ शक्ति प्रदर्शन का ऐलान

कल्याण पांडेय और समिति की तैयारी

राष्ट्रीय अध्यक्ष कल्याण पांडेय ने चौरी चौरा से हजारों ब्राह्मण और सवर्ण कार्यकर्ताओं को दिल्ली बुलाने का ऐलान किया है। समिति का कहना है कि यह आंदोलन पूरे देश से जुड़ेगा, जिसमें ब्राह्मण, क्षत्रिय और अन्य सवर्ण संगठन शामिल होंगे। दोपहर 12 बजे रामलीला मैदान में शुरू होने वाली रैली में ज्ञापन सौंपा जाएगा और सरकार पर दबाव बनाया जाएगा। पांडेय ने कहा कि UGC के “काले कानून” से सामान्य वर्ग के अधिकार छीने जा रहे हैं, इसलिए एकजुट होकर विरोध जरूरी है। चौरी चौरा क्षेत्र से बसों और अन्य साधनों से कार्यकर्ता दिल्ली पहुंचेंगे।

देशव्यापी आंदोलन का हिस्सा और राजनीतिक प्रभाव

यह रैली UGC विरोध के देशव्यापी अभियान का हिस्सा है, जहां पहले जंतर-मंतर, UGC मुख्यालय और विभिन्न विश्वविद्यालयों में प्रदर्शन हो चुके हैं। कुछ जगहों पर हिंसा भी हुई, जैसे दिल्ली यूनिवर्सिटी में क्लैश और प्रोटेस्ट बैन। सवर्ण समाज के कई संगठन (जैसे अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा आदि) सक्रिय हैं। यदि 8 मार्च की रैली में भारी भीड़ जुटती है, तो यह केंद्र सरकार पर बड़ा दबाव बनेगा। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि यह मुद्दा BJP और अन्य पार्टियों के लिए चुनौती बन सकता है, क्योंकि सवर्ण वोट बैंक प्रभावित हो सकता है।

Also Read: लखनऊ: पूर्व डिप्टी CM दिनेश शर्मा पर भड़का ब्राह्मण समाज, कार्यक्रम के दौरान UGC मुद्दे पर नहीं दिया था कोई बयान, लोगों ने जमकर की नारेबाजी

स्थानीय प्रतिक्रिया और अपील

चौरी चौरा और गोरखपुर क्षेत्र में समिति के कार्यकर्ता सक्रिय हैं। उन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से रैली में शामिल होने की अपील की है। यदि कोई भी UGC नियमों से प्रभावित है, तो समिति से संपर्क कर सकता है। रैली की सफलता के लिए सभी से एकजुटता की मांग की गई है। आने वाले दिनों में और अपडेट्स आने की संभावना है, क्योंकि 8 मार्च निकट आ रहा है।

(देश और दुनिया की खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं.