गोरखपुर में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अंशिका सिंह (उर्फ अंतिमा या अंशिका शर्मा) ने अपने जन्मदिन पर बर्थडे पार्टी के दौरान एक युवक पर गोली चलाकर सनसनी मचा दी। लेकिन यह सिर्फ शुरुआत थी—पुलिस जांच में उसके हनीट्रैप, ब्लैकमेलिंग और रंगदारी के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ, जिसमें DSP, दरोगा स्तर के पुलिसकर्मी और सैकड़ों लोग फंसे बताए जा रहे हैं। अब थार चोरी के पुराने केस के आधार पर उसके गिरोह पर गैंगस्टर एक्ट लगाने की पूरी तैयारी हो चुकी है, जिससे उसकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
गोलीकांड की पूरी घटना
20 जनवरी 2026 को गोरखपुर के कैंट थाना क्षेत्र अंतर्गत सिंघड़िया इलाके में अंशिका सिंह अपने जन्मदिन का जश्न मना रही थी। सड़क पर केक काटते हुए एक छोटे विवाद में उसने हैंडबैग से पिस्टल निकालकर अस्पताल मैनेजर (या एक युवक) पर फायरिंग कर दी। गोली उसके दोस्त या साथी को लगी, जिससे वह घायल हो गया। मौके पर मौजूद लोगों ने हंगामा किया और पुलिस ने उसे तुरंत गिरफ्तार कर लिया। यह घटना वायरल हो गई, क्योंकि अंशिका इंस्टाग्राम पर रील्स बनाकर लाखों फॉलोअर्स वाली ‘रील की रानी’ के नाम से जानी जाती थी।
हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग का खौफनाक नेटवर्क
पुलिस ने अंशिका के मोबाइल की जांच की तो चौंकाने वाले खुलासे हुए। वह सोशल मीडिया (मुख्य रूप से इंस्टाग्राम और वीडियो कॉल) के जरिए लोगों से संपर्क बनाती थी। अश्लील वीडियो/फोटो रिकॉर्ड कर ब्लैकमेल करती, फर्जी दुष्कर्म या POCSO केस में फंसाने की धमकी देकर लाखों रुपये ऐंठती थी। जांच में अब तक 150-165 लोगों के शिकार होने की बात सामने आई है, जिसमें कई पुलिस अधिकारी (DSP, CO, दरोगा स्तर तक) शामिल बताए जा रहे हैं। कुछ पुलिसकर्मी सस्पेंड भी हुए। उसके महंगे शौक (लक्जरी लाइफस्टाइल) इसी उगाही से पूरे होते थे। पिता की मौत के बाद वह बेलगाम हो गई थी, यही कारण बताया जा रहा है।
Also read:गोरखपुर में AIIMS में वसंत पंचमी का वसंतोत्सव के रूप में आयोजन
गैंगस्टर एक्ट की वजह
गोलीकांड से पहले अक्टूबर 2024 (कुछ रिपोर्ट्स में 2025) में खोराबार थाने में एक बड़ा केस दर्ज हुआ था। गाजीपुर के चंदन नारायण की तहरीर पर अंशिका और उसके साथियों पर दिल्ली से चोरी की गई महिंद्रा थार पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर इस्तेमाल करने, धोखाधड़ी और जालसाजी का आरोप लगा। पुलिस ने उसके दो साथियों—प्रिया प्रवास दुबे (उर्फ विकी) और आकाश वर्मा (उर्फ बंटी)—को पहले ही गिरफ्तार किया था। अंशिका फरार थी, लेकिन गोलीकांड ने उसे पकड़वा दिया। अब इसी थार चोरी और फायरिंग केस के आधार पर पुलिस उसके गिरोह पर *गैंगस्टर एक्ट* लगाने की तैयारी पूरी कर चुकी है। क्राइम कुंडली बन गई है, और जल्द कार्रवाई होने वाली है।
पुलिस की जांच और आगे क्या?
पुलिस सूत्रों के अनुसार, अंशिका का गिरोह संगठित अपराध में शामिल था—रंगदारी, फर्जीवाड़ा और हथियारों का इस्तेमाल। उसके मोबाइल से चैट्स, वीडियो और ट्रांजेक्शन डिटेल्स बरामद हुए हैं। कई पीड़ितों ने अब शिकायत दर्ज कराई है। गैंगस्टर एक्ट लगने से उसकी संपत्ति जब्त हो सकती है और सजा में इजाफा होगा। यह मामला गोरखपुर पुलिस के लिए बड़ा चैलेंज बन गया है, क्योंकि इसमें उनके अपने लोग भी फंसे हैं। जांच जारी है, और नए खुलासे होने की संभावना है।
INPUT-ANANYA MISHRA











































