पूर्व प्रधानमंत्री और राज्यसभा सांसद एचडी देवगौड़ा ने सोमवार को कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर संसद के भीतर हो रहे हंगामे और सांसदों द्वारा संसद परिसर में किए जा रहे प्रदर्शनों पर गहरी चिंता जताई। अपने पत्र में देवगौड़ा ने कहा कि वह संसद के अंदर और उसके परिसर में बिना सोचे-समझे फैलाई गई अराजकता से काफी परेशान हैं। देवेगौड़ा ने इस अराजकता के लिए मुख्य रूप से विपक्षी दलों को जिम्मेदार ठहराया।
‘संसद में नारेबाजी, विरोध प्रदर्शन की घटनाएं बढ़ीं’
पूर्व पीएम देवेगौड़ा ने पत्र में लिखा, ‘मुझे लगता है कि विपक्ष के नेता के नेतृत्व में कांग्रेस सांसदों ने संसद और उसके परिसर में व्यवधान उत्पन्न किए हैं। उन्होंने संसद परिसर में किए जा रहे धरनों और घेराव को अभूतपूर्व करार दिया। हाल के समय में संसद में नारेबाजी, तख्तियां दिखाने और एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाने की घटनाएं बढ़ी हैं। गंभीरता की कमी का यह रवैया संसद और संसदीय लोकतंत्र पर आघात करता है।’
देवेगौड़ा ने सोनिया गांधी की तारीफ की
सोनिया गांधी की तारीफ करते हुए देवेगौड़ा ने कहा कि विपक्ष में लंबे समय तक रहते हुए उन्होंने गरिमा और परिपक्वता के साथ आचरण किया है। पूर्व प्रधानमंत्री ने सोनिया गांधी से आग्रह किया कि वह अपने पार्टी नेताओं और अन्य विपक्षी दलों से बात करें और उन्हें समझाएं। उन्होंने कहा, ‘मुझे पूरा विश्वास है कि आप आवश्यक कदम उठाएंगी। विपक्ष को विरोध करने का पूरा अधिकार है, लेकिन यह विरोध ऐसे तरीके से होना चाहिए, जो पिछले 75 वर्षों में मिलकर बनाए गए लोकतांत्रिक ढांचे को कमजोर न करे।’ देवगौड़ा ने चेतावनी दी कि संसद में नकारात्मक माहौल लोकतंत्र की बुनियाद को नुकसान पहुंचा सकते हैं और स्थायी कटुता पैदा कर सकता है।
सोनिया बोलीं- आपकी चिंताओं पर ध्यान है, उगादी की दी शुभकामनाएं
वहीं सोनिया गांधी ने पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा के पत्र का जवाब देते हुए कहा कि उन्होंने उनकी चिंताओं को ध्यान से पढ़ लिया है और नोट कर लिया है। साथ ही उन्होंने उगादी के मौके पर उन्हें शुभकामनाएं भी दीं। दरअसल, देवगौड़ा ने पत्र लिखकर संसद में हो रहे हंगामे और विरोध प्रदर्शन पर चिंता जताई थी। उनका कहना था कि विपक्ष, खासकर कांग्रेस के सांसद, ज्यादा हंगामा कर रहे हैं, जिससे संसद की गरिमा प्रभावित हो रही है। इस पर सोनिया गांधी ने संक्षिप्त जवाब देते हुए कहा कि उन्होंने उनकी बातों को गंभीरता से लिया है।
INPUT-ANANYA MISHRA















































