बरेली। जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति इन दिनों बदहाल नजर आ रही है। डॉक्टरों की लेट-लतीफी और मनमाने तरीके से ड्यूटी करने के कारण मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। निर्धारित समय के बावजूद डॉक्टरों के समय पर ओपीडी में न पहुंचने से मरीज घंटों इंतजार करने को मजबूर हैं। इससे अस्पताल की व्यवस्था पर सवाल खड़े होने लगे हैं।
जानकारी के अनुसार, जिला अस्पताल की ओपीडी का समय सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक निर्धारित है, लेकिन कई डॉक्टर समय पर अपने चैंबर में नहीं पहुंच रहे हैं। रविवार को अवकाश के बाद अस्पताल खुलते ही पर्चा काउंटर पर मरीजों की लंबी कतारें लग गईं। सर्दी-जुकाम, बुखार और अन्य बीमारियों से पीड़ित बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं घंटों लाइन में खड़े दिखाई दिए। डॉक्टरों के देर से आने के कारण मरीजों को इलाज के लिए काफी देर तक इंतजार करना पड़ा।
मजबूरन निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा
मरीजों का कहना है कि सरकारी अस्पताल में सस्ता और बेहतर इलाज मिलने की उम्मीद से वे यहां आते हैं, लेकिन डॉक्टरों की अनुपस्थिति के कारण उन्हें मजबूरन निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है। इससे गरीब और जरूरतमंद मरीजों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। कई मरीज बिना इलाज के ही वापस लौटते भी देखे गए।
“कोई लिखित शिकायत नहीं मिली”
इस मामले में अस्पताल के सीएमएस डॉ. रमेश चंद्र दीक्षित ने बताया कि डॉक्टर सुबह 9 बजे तक ओपीडी में पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि अभी तक इस संबंध में कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। यदि कोई डॉक्टर लापरवाही करता पाया जाता है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सभी डॉक्टरों को समय पर ड्यूटी पर उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं।
समय पर इलाज नहीं मिल पा रहा
हालांकि, जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। मरीजों का कहना है कि डॉक्टरों की लापरवाही के कारण उन्हें समय पर इलाज नहीं मिल पा रहा है। मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशों के बावजूद जिला अस्पताल की व्यवस्था में सुधार नहीं दिख रहा। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होगी या मरीज इसी तरह परेशान होते रहेंगे।












































