‘किसी थाने के लावारिस मालों की तरह बेतरतीब जीवन मेरा…’, आईजी अयोध्या प्रवीण कुमार की कविता छू रही लोगों का दिल

उत्तर प्रदेश के तेज तर्रार और धाकड़ अफसर में शामिल आईपीएस प्रवीण कुमार (IG Ayodhya Praveen Kumar) कविताएं भी लिखते हैं। वर्तमान में वह आईजी रेंज अयोध्या के पद पर तैनात हैं। उन्होंने अपने एक्स अकाउंट पर अपनी एक कविता को वीडियो के रूप में साझा किया है, जिसकी खूब सराहना हो रही है। वह लिखते हैं कि…

किसी थाने के लावारिस मालों की तरह बेतरतीब जीवन मेरा..

विस्मृतियों की धूल से आच्छादित मन मेरा!

कभी झूठी नामजदगी का शिकार होकर अपना नाम निकलवाने सा तड़पता है,

तो कभी किसी चैनल में चल रही झूठी खबर से हतप्रभ न सोता है और न जागता है

जाने अनजाने मालखाने के एक ऐसे वाहन में तब्दील हो गया हो हूं, जिसका चेचिस नंबर मिट गया है!

जड़ों तक पहुंचने की नाकाम कोशिशों के बीच मेरा विस्तार सिमट गया है।

आओ किसी मुआईने की तरह मुझे सिलसिलेवार करो

वो लम्हे, जो फिसल के भागे हैं फिर से उन्हें गिरफ्तार करो

कि तस्करा कोई भी हो, मुकम्मल रोजनामचाआम तुम हो

गुनाह सिस्टम का हो या किसी और का, हर एक इल्जाम का अंजाम तुम हो।

मुझे तलाशो अपनी माल मसरूका मिसलों में, गर्द हटा के कभी मेरा एहतराम करो!

लादावा कह के सरेआम न मुझे नीलाम करो!

जो बची है जिन्दगी मुझमें उसे ऐसे न तमाम करो।

2001 बैच के आईपीएस अफसर हैं प्रवीण कुमार

उत्तर प्रदेश के जनपद जालौन में शिव कुमार त्रिपाठी के परिवार में 26 जून 1972 को जन्म लेने वाले आईपीएस प्रवीण कुमार त्रिपाठी 2001 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। इंजीनियरिंग में बैचलर विद ऑनर्स आईपीएस प्रवीण कुमार त्रिपाठी एक अच्छे आईपीएस के साथ ही काबिल वकील भी है। एलएलबी के साथ ही उन्होंने इसमें महारथ पाने के लिए मास्टर डिग्री एलएलएम भी किया है।

आईपीएस प्रवीण कुमार त्रिपाठी को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मिजाज का अच्छा खासा ज्ञान है। उनकी सर्विस का अधिकांश कार्यकाल यहीं पर रहा है। आईपीएस प्रवीण कुमार मुजफ्फरनगर, गौतमबुद्धनगर और लखनऊ जैसे महत्वपूर्ण जनपदों में एसएसपी रहे हैं। इन जनपदों में उनका कार्यकाल सराहनीय रहा।

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