पटना
गंगा बाढ़ नियंत्रण आयोग की 19वीं बैठक 27 अक्टूबर को दिल्ली में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल की अध्यक्षता में होगी। इसमें मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी बिहार का पक्ष रखेंगे।
बैठक में फरक्का बराज, गंगा जल बंटवारे और बिहार में बाढ़ की समस्याओं पर प्रमुखता से चर्चा होगी। दिसंबर में भारत-बांग्लादेश के बीच गंगा जल बंटवारे पर नए समझौते की संभावना को देखते हुए बैठक महत्वपूर्ण है।
इसके साथ बाढ़ नियंत्रण के लिए जोखिम आधारित मास्टर प्लान, नदियों के जल प्रबंधन, एआई आधारित डीपीआर और राष्ट्रव्यापी डैशबोर्ड पर भी मंथन होगा। बैठक में फरक्का बराज और बाढ़ की समस्या पर चर्चा होगी।
दिसंबर में हो सकता है समझौता
भारत और बांग्लादेश के साथ फरक्का बराज और गंगा जल बंटवारे को लेकर दिसम्बर में नए सिरे से समझौता होने की उम्मीद है। इसमें बिहार अपने हितों को लेकर लगातार मुखर है। ऐसे में यह बैठक बिहार के लिए अहम है।
साथ ही बिहार में गंगा नदी को लेकर हो रही समस्याएं, उसके समाधान पर भी चर्चा होगी। साथ ही पिछली यानी 18वीं बैठक में लिए गए निर्णयों पर मुहर लगेगी।
जीएफसीसी में हुए बदलाव पर लगेगी मुहर
बैठक में जीएफसीसी में हुए बदलाव पर मुहर लगेगी। इसके अलावा बाढ़ नियंत्रण को लेकर पूरे देश के लिए जोखिम आधारित मास्टर प्लान तैयार करने पर चर्चा होगी। रेलवे व रोड को लेकर वाटर वेज बनाने के लिए गाइडलाइन बनाने को लेकर चर्चा होगी।
बाढ़ नियंत्रण को लेकर पहले जो भी काम हुए हैं, उससे क्या परिणाम निकले, उसकी समीक्षा होगी। बाढ़ नियंत्रण को लेकर तैयार होने वाले एसओपी और गाइडलाइन तैयार करने पर भी मंथन होगा।
नदियों का पानी प्रबंधन करने को लेकर भी विमर्श होगा। राष्ट्रव्यापी डैशबोर्ड बनाने को लेकर भी बैठक में विमर्श होगा। डीपीआर बनाने में आधुनिक तकनीक बनाने और एआई के उपयोग पर भी इस बैठक में मंथन होगा।














