IND vs WI T20: हैदराबाद में टीम इंडिया का धमाका, 297 रन का रिकॉर्ड; अब 300 के आंकड़े पर नजर

हैदराबाद
भारत और वेस्टइंडीज के बीच टी20 सीरीज अब ऐसे मैदान पर पहुंच गई है, जहां बल्लेबाजों के बल्ले से रन बरसने की पूरी उम्मीद है. इंदौर में भले ही रनों का वैसा तूफान देखने को नहीं मिला, जिसकी उम्मीद थी, लेकिन हैदराबाद में तस्वीर बदल सकती है. यह वही मैदान है, जहां भारतीय टीम टी20 इंटरनेशनल में 300 रन के आंकड़े को छूने से महज तीन रन दूर रह गई थी. अब एक बार फिर सवाल है- क्या हैदराबाद में चौके-छक्कों की ऐसी बरसात होगी कि 300 रन का आंकड़ा भी पीछे छूट जाए?

पांच मैचों की सीरीज में भारत 2-1 से आगे है. ऐसे में टीम इंडिया की नजर बढ़त मजबूत करने पर होगी, जबकि वेस्टइंडीज के सामने सीरीज में बने रहने की चुनौती है. कैरेबियाई टीम को जीत की जरूरत है और उसकी आक्रामक बल्लेबाजी को देखते हुए हैदराबाद का मुकाबला दिलचस्प हो सकता है. अगर पिच ने साथ दिया और ओस ने गेंदबाजों की मुश्किलें बढ़ाईं, तो दोनों टीमों के बीच रनों की जबरदस्त जंग देखने को मिल सकती है। 

हैदराबाद में भारत का 297 रन वाला धमाका

12 अक्टूबर 2024 को बांग्लादेश के खिलाफ हैदराबाद में भारतीय बल्लेबाजों ने ऐसा हमला बोला था कि स्कोरबोर्ड पर 20 ओवर में 297/6 रन दर्ज हो गए. भारत 300 रन से महज तीन रन दूर रह गया था. इस मैच में संजू सैमसन ने 47 गेंदों में 111 रन लूटे थे. यह टी20 इंटरनेशनल में टीम इंडिया का सर्वोच्च स्कोर है. भारतीय बल्लेबाजों ने उस पारी में 14.85 के रन रेट से रन बनाए थे। 

भारत ने इससे पहले और बाद में भी बड़े टी20 स्कोर बनाए हैं. 15 नवंबर 2024 को जोहानिसबर्ग में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टीम इंडिया ने 283/1 रन ठोके थे. वहीं, 31 जनवरी 2026 को तिरुवनंतपुरम में न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत ने 271/5 का स्कोर बनाया था. लेकिन हैदराबाद का 297 रन वाला रिकॉर्ड आज भी भारतीय टी20 बल्लेबाजी की सबसे बड़ी उपलब्धि बना हुआ है। 

अब इसी मैदान पर वेस्टइंडीज के खिलाफ मुकाबला होना है. भारत के पास अपना रिकॉर्ड बेहतर करने का मौका होगा, जबकि कैरेबियाई बल्लेबाज भी बड़े स्कोर की दौड़ में पीछे नहीं रहना चाहेंगे। 

हैदराबाद में बड़े स्कोर का इतिहास
राजीव गांधी इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम की पहचान आईपीएल के उन मैदानों में होती है, जहां बल्लेबाज खुलकर अपने शॉट खेल सकते हैं. यहां आईपीएल में 286 और 277 रन जैसे बड़े स्कोर बन चुके हैं. इसके अलावा, भारत ने इसी मैदान पर बांग्लादेश के खिलाफ 297 रन बनाकर टी20 इंटरनेशनल में अपना सर्वोच्च स्कोर दर्ज किया था। 

हालांकि, हैदराबाद में हाल ही में पिच को दोबारा तैयार किया गया है. ऐसे में पुराने रिकॉर्ड के आधार पर यह मान लेना सही नहीं होगा कि इस बार भी बल्लेबाजों को वैसी ही परिस्थितियां मिलेंगी. पिच का ताजा मिजाज, उछाल और गेंद की गति मुकाबले की दिशा तय करने में अहम होंगे। 

फिर भी, मैदान का इतिहास बल्लेबाजों का हौसला बढ़ाने के लिए काफी है. अगर गेंद बल्ले पर अच्छी तरह आती है, तो बड़े शॉट खेलने वाले खिलाड़ियों के लिए रन बनाना आसान हो सकता है. गेंदबाजों को अपनी लाइन-लेंथ में जरा भी ढील देने से बचना होगा, क्योंकि टी20 क्रिकेट में कुछ महंगे ओवर पूरे मैच का समीकरण बदल सकते हैं। 

ओस आई तो गेंदबाजों की बढ़ेगी मुश्किल
हैदराबाद में मुकाबले के दौरान ओस की भूमिका भी अहम हो सकती है. अगर दूसरी पारी में ओस पड़ती है, तो गेंद को पकड़ना और उस पर नियंत्रण बनाए रखना गेंदबाजों के लिए मुश्किल हो सकता है. इसका फायदा बल्लेबाजों को मिल सकता है, खासकर तब जब उन्हें बड़े लक्ष्य का पीछा करना हो। 

टॉस जीतने वाली टीम को भी परिस्थितियों के हिसाब से फैसला लेना होगा. पिच की स्थिति, ओस की संभावना और पहली पारी के स्कोर को ध्यान में रखकर बल्लेबाजी या गेंदबाजी चुनना अहम रहेगा। 

मौसम के पूर्वानुमान के मुताबिक बारिश से मैच में खलल पड़ने की आशंका नहीं है. यानी दर्शकों को पूरे मुकाबले में क्रिकेट का रोमांच देखने को मिल सकता है. अगर पिच और मौसम ने बल्लेबाजों का साथ दिया, तो हैदराबाद में एक और हाई-स्कोरिंग मुकाबले की उम्मीद बढ़ जाएगी। 

SRH के मैदान पर अभिषेक से रहेंगी उम्मीदें
हैदराबाद आईपीएल फ्रेंचाइजी सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) का घरेलू मैदान भी है. इस टीम की पहचान आक्रामक बल्लेबाजी और बड़े स्कोर बनाने की क्षमता से बनी है. अभिषेक शर्मा, ट्रेविस हेड और हेनरिक क्लासेन जैसे बल्लेबाजों ने टी20 क्रिकेट में तेज गति से रन बनाने की शैली को नई पहचान दी है। 

अभिषेक भारतीय टीम के लिए भी बड़े शॉट खेलने की क्षमता रखते हैं. ऐसे में भारतीय बल्लेबाजी क्रम में उनसे तेज शुरुआत की उम्मीद होगी. हालांकि, भारत को सिर्फ एक बल्लेबाज पर निर्भर रहने की बजाय पूरी बल्लेबाजी इकाई से योगदान की जरूरत होगी. बड़े स्कोर वाले मुकाबलों में शुरुआती विकेट गंवाने के बाद वापसी करना आसान नहीं होता। 

दूसरी ओर, वेस्टइंडीज के बल्लेबाज भी अपनी आक्रामक शैली के लिए जाने जाते हैं. कैरेबियाई टीम को अगर सीरीज में वापसी करनी है, तो उसके बल्लेबाजों को भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बनाना होगा. हैदराबाद की परिस्थितियां उसके लिए भी फायदेमंद साबित हो सकती हैं। 

… वेस्टइंडीज के सामने 'करो या मरो'
सीरीज में 2-1 की बढ़त भारत को मनोवैज्ञानिक फायदा देती है, लेकिन वेस्टइंडीज को हल्के में लेना बड़ी गलती हो सकती है. कैरेबियाई टीम के पास ऐसे बल्लेबाज हैं, जो कुछ ही ओवरों में मैच का रुख बदल सकते हैं. अगर उसके शीर्ष क्रम ने तेज शुरुआत दी, तो भारतीय गेंदबाजों के सामने बड़े स्कोर को रोकने की चुनौती होगी। 

भारत की कोशिश होगी कि वह अपनी बल्लेबाजी की ताकत का फायदा उठाकर सीरीज में अजेय बढ़त हासिल करे. वेस्टइंडीज के लिए जीत सिर्फ एक मैच जीतने तक सीमित नहीं होगी, बल्कि इससे सीरीज में बराबरी की उम्मीद भी जिंदा रहेगी। 

अब सबसे बड़ा सवाल यही है- क्या हैदराबाद में भारत अपने 297 रनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़कर पहली बार 300 का आंकड़ा पार करेगा या वेस्टइंडीज के बल्लेबाज भी रनों की इस जंग में ऐसा पलटवार करेंगे कि मुकाबला आखिरी ओवर तक पहुंच जाए?