गोरखपुर के न्यू राजेश हाईटेक हॉस्पिटल में मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद संक्रमण का कहर

गोरखपुर के सिकरीगंज स्थित न्यू राजेश हाईटेक हॉस्पिटल में 1 फरवरी को आयुष्मान योजना के तहत कराए गए मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद फैले गंभीर संक्रमण ने अब तक 8 मरीजों की रोशनी छीन ली है। इनमें से 5 मरीजों की आंखें निकालनी पड़ चुकी हैं। शुक्रवार को दो और मरीजों – उसरी खास निवासी जयराम और इन्नाडीह के अर्जुन सिंह – की आंखें दिल्ली एम्स में निकाल दी गईं। कुल 15 से अधिक मरीजों में संक्रमण फैल चुका है, जिनमें से अधिकांश की स्थिति गंभीर बनी हुई है।

शुक्रवार को दिल्ली एम्स में जयराम की आंख निकालने के बाद उनके बेटे अरविंद ने बताया कि सभी जांच रिपोर्टों के आधार पर डॉक्टरों ने यह फैसला लिया। इन्नाडीह के अर्जुन सिंह के भाई विश्वनाथ सिंह ने बताया कि उनकी आंख भी निकाल दी गई है, जबकि उनके दूसरे भाई राजेंद्र सिंह की आंख का सूजन और संक्रमण कम हो गया है। उनका इलाज पीजीआई लखनऊ में चल रहा है। उरुवा क्षेत्र के रहदौली निवासी शंकरावती का इलाज वाराणसी में चल रहा है। उन्हें 14 फरवरी को दोबारा बुलाया गया है, जिसके बाद आगे का फैसला लिया जाएगा। वहीं रहदौली की रमावती का इलाज एम्स दिल्ली में चल रहा है और वह अभी गांव में मुकेश कन्नौजिया के यहां रहकर उपचार करा रही हैं।

इससे पहले बारीगांव की देवराजी देवी, बारीपुर के रामदरश और रहदौली की शंकरावती की आंखें भी निकाली जा चुकी हैं। सभी मरीजों में गंभीर संक्रमण (एंडोफ्थैल्माइटिस) फैला है, जिसकी वजह से आंखों की रोशनी पूरी तरह चली गई। डॉक्टरों का कहना है कि संक्रमण बहुत तेजी से फैला है और ज्यादातर मामलों में आंखें बचाना संभव नहीं रहा।

जांच कमेटी ने दर्ज किए बयान, सभी ने दिए अलग-अलग जवाब

सीएमओ डॉ. राजेश झा ने चार सदस्यीय जांच कमेटी गठित की थी। शुक्रवार को कमेटी ने अस्पताल संचालक राजेश राय, ओटी टेक्नीशियन, ऑप्टोमेटिस्ट और अन्य कर्मचारियों के बयान दर्ज किए। लेकिन सभी ने अलग-अलग और परस्पर विरोधी जवाब दिए। कमेटी इन जवाबों से संतुष्ट नहीं हुई। एसीएमओ डॉ. एके चौधरी ने बताया कि सभी लोग मामले को घुमाते नजर आए। ऑपरेशन करने वाले डॉ. पराग अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने ऑपरेशन थियेटर से सैंपल लेकर बीआरडी मेडिकल कॉलेज भेजे हैं। रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट आने के बाद कमेटी अपनी फाइनल रिपोर्ट सीएमओ को सौंपेगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।

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अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही के गंभीर आरोप

जांच में अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही भी सामने आ रही है। साफ-सफाई, स्टरलाइजेशन और ऑपरेशन थियेटर की व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। आयुष्मान योजना के तहत 30 मरीजों का ऑपरेशन एक साथ किया गया था, जिसके बाद से ही संक्रमण के मामले सामने आने लगे। कई मरीजों के परिजन अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही और गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार का आरोप लगा रहे हैं।

परिजनों का गुस्सा और मांग

पीड़ित मरीजों के परिजन सदमे और गुस्से में हैं। वे कह रहे हैं कि एक छोटी-सी लापरवाही ने उनकी जिंदगी अंधेरे में डाल दी। परिजनों ने मांग की है कि अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो, मुआवजा दिया जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े नियम लागू किए जाएं।

प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग का रुख

सीएमओ डॉ. राजेश झा ने बताया कि जांच कमेटी पूरी गंभीरता से काम कर रही है। रिपोर्ट आने के बाद अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होगी। स्वास्थ्य विभाग ने सभी प्रभावित मरीजों के इलाज का खर्च उठाने और एम्स दिल्ली व पीजीआई लखनऊ में विशेषज्ञों से इलाज कराने का इंतजाम किया है।

INPUT-ANANYA MISHRA

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