लखनऊ: KGMU में महिला डॉक्टर के साथ छेड़छाड़ का मामला, एडिशनल प्रोफेसर निलंबित

लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के बाल रोग विभाग में एक बार फिर महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर मामला सामने आया है। एक जूनियर रेजीडेंट डॉक्टर ने विभाग के एक एडिशनल प्रोफेसर पर बार-बार छेड़छाड़, अभद्र टिप्पणी और शारीरिक उत्पीड़न का आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि आरोपी ने कार्यस्थल पर उसे असहज और डरावना माहौल देने की कोशिश की। पीड़िता ने शिकायत लिखित रूप में विभाग प्रमुख और विश्वविद्यालय प्रशासन को सौंपी।

विशाखा कमेटी की प्रारंभिक जांच

सेक्सुअल हैरासमेंट मामलों की जांच के लिए गठित विशाखा कमेटी ने मामले की त्वरित सुनवाई की। पीड़िता और आरोपी दोनों से पूछताछ के बाद कमेटी ने प्रारंभिक निष्कर्ष में पीड़िता के आरोपों को सही पाया। शुरुआती जांच में पर्याप्त साक्ष्य मिलने के कारण विश्वविद्यालय प्रशासन ने तुरंत आरोपी एडिशनल प्रोफेसर को निलंबित कर दिया। कमेटी की पूरी रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई तय की जाएगी।

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प्रशासन ने सुरक्षा और समर्थन बढ़ाया

KGMU प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पीड़िता की सुरक्षा और समर्थन पर विशेष ध्यान देने की घोषणा की।सभी विभागों में महिला सुरक्षा और जागरूकता कार्यक्रम तेज किए गए हैं।पीड़िता को मानसिक काउंसलिंग और सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है।अस्पताल परिसर में महिला स्टाफ के लिए निगरानी और सहायता बढ़ाई गई है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि किसी भी स्थिति में दोषी को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह उच्च पद पर ही क्यों न हो।

KGMU की प्रतिष्ठा पर असर

यह मामला डॉक्टर रमीजुद्दीन के विवाद के ठीक बाद आया है, जिससे विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा पर सवाल उठ रहे हैं। अस्पताल के भीतर महिला डॉक्टरों और जूनियर रेजीडेंट्स में असुरक्षा की भावना बढ़ गई है। कई डॉक्टरों ने कार्यस्थल पर महिला सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़े नियमों की आवश्यकता जताई है। प्रशासन ने कहा है कि जांच पूरी होने तक कोई भी दोषी बच नहीं पाएगा और ऐसे मामलों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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