लखनऊ: डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने 101 बटुकों को किया सम्मानित, बोले- ब्राह्मण की शिखा का अपमान महापाप है

लखनऊ: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक (Brajesh Pathak) ने गुरुवार सुबह लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित कर 101 संस्कृत विद्यार्थियों (बटुकों) का सम्मान किया। उन्होंने सभी बटुकों का फूल-माला पहनाकर स्वागत किया, तिलक लगाया और अंगवस्त्र भेंट किए। कार्यक्रम के दौरान वे बटुकों के साथ बैठे और भोजन भी किया। यह आयोजन हाल ही में प्रयागराज में हुई एक विवादित घटना के बाद खासा चर्चा में रहा।

माघ मेले की घटना से बढ़ा विवाद

प्रयागराज के माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को पालकी के साथ संगम तक जाने से प्रशासन द्वारा रोके जाने पर विवाद खड़ा हो गया था। स्थिति तनावपूर्ण होने पर पुलिस ने बल प्रयोग किया, जिसमें कई बटुकों के साथ मारपीट की बात सामने आई। कुछ वीडियो में बटुकों की शिखा (चोटी) खींचे जाने के दृश्य भी वायरल हुए। इस घटना को लेकर संत समाज और ब्राह्मण समुदाय ने कड़ी नाराजगी जताई और इसे सनातन परंपराओं का अपमान बताया।

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विपक्ष के निशाने पर सरकार

इस मुद्दे को लेकर विपक्ष, खासकर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। राजनीतिक बयानबाजी के बीच बरेली में तैनात पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने भी पद से इस्तीफा दे दिया, जिससे मामला और गरमा गया। घटना ने प्रदेश की राजनीति में नया मोड़ ला दिया और सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे।

‘शिखा का अपमान महापाप’ – ब्रजेश पाठक

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने पहले भी एक चैनल से बातचीत में बटुकों की चोटी खींचने की घटना को ‘पाप’ करार दिया था। उन्होंने अपने ताजा कार्यक्रम में दोहराया कि किसी ब्राह्मण की शिखा को छूना या उसका अपमान करना महापाप है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सनातन संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है तथा इस प्रकार की घटनाओं में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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