बरेली: भमोरा थाना क्षेत्र के खुद्डा गांव में 7 अगस्त 2024 को हुई 58 वर्षीय रामबेटी की गला दबाकर हत्या के मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि मृतका के बेटे महिंद्र ने ही अपनी मां की हत्या की थी और जमीन व पारिवारिक रंजिश के चलते अपने चचेरे भाइयों को फंसाने के लिए उनके खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कराया था।
पुलिस के मुताबिक, 37 वर्षीय महिंद्र ने घटना के बाद नत्थू सिंह, सर्वेश, सुरेंद्र, वीरेंद्र, छोटलाल और वीरेश बाबा समेत अपने चचेरे भाइयों पर हत्या का आरोप लगाया था। आरोपियों को उम्रकैद की सजा दिलाने की नीयत से उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने सभी नामजद रिश्तेदारों को दिल्ली ले जाकर पॉलीग्राफ टेस्ट कराया। जांच में उनके खिलाफ हत्या में शामिल होने के ठोस संकेत नहीं मिले।
इसके बाद एसपी साउथ अंशिका वर्मा की निगरानी में एसआईटी गठित कर मामले की वैज्ञानिक तरीके से जांच कराई गई। स्टेट मेडिको-लीगल सेल की मदद से विसरा और मेडिकल रिपोर्ट का अध्ययन किया गया। फूड डाइजेशन रिपोर्ट से पता चला कि महिला की मौत खाना खाने के करीब दो से चार घंटे के भीतर हुई थी। इससे पुलिस को घटना के समय और संदिग्धों की भूमिका को लेकर अहम सुराग मिले।
वैज्ञानिक साक्ष्यों और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने महिंद्र से सख्ती से पूछताछ की। पूछताछ में उसने मां की हत्या करने की बात कबूल कर ली। पुलिस के अनुसार, जमीन और पारिवारिक रंजिश के चलते उसने वारदात को अंजाम दिया और बाद में चचेरे भाइयों को फंसाने की साजिश रची। पुलिस ने आरोपी महिंद्र को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।









