UP: गोण्डा के करनैलगंज क्षेत्र के नकहरा गांव में घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ने से आई बाढ़ अब राजनीतिक विवाद का मुद्दा बन गई है। बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों की परेशानी के बीच समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्य मंत्री योगेश प्रताप सिंह के सोशल मीडिया पर दिए गए एक बयान को लेकर नाराजगी सामने आई है। पूर्व मंत्री ने कथित तौर पर नकहरा और गौरा गांव में बाढ़ की स्थिति से इनकार करते हुए कहा था कि “न नकहरा में पानी भरा है और न गौरा में।
ग्रामीणों ने जताया विरोध, मौके पर आने की मांग
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पूर्व मंत्री के बयान के बाद बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों ने इसका विरोध किया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि बाढ़ की वास्तविक स्थिति पर कोई संशय है तो उन्हें गांव में आकर मौके का निरीक्षण करना चाहिए। ग्रामीणों ने कहा कि जमीनी हालात को समझने के लिए मौके पर पहुंचकर स्थिति देखना ज्यादा उचित होगा।
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रातों-रात गांव में पहुंचा पानी
ग्रामीणों के मुताबिक, घाघरा नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने के कारण रातों-रात गांव के कई हिस्सों में पानी पहुंच गया। बाढ़ की वजह से लोगों को अपने घरों के साथ पशुओं और जरूरी सामान को सुरक्षित रखने की चिंता करनी पड़ी। ग्रामीणों का दावा है कि बाढ़ के दौरान उन्हें काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
राहत कार्यों के लिए विधायक का जताया आभार
बाढ़ के बीच ग्रामीणों ने करनैलगंज विधायक अजय सिंह की ओर से प्रभावित लोगों तक पहुंचाई जा रही सहायता के लिए आभार जताया। ग्रामीणों के अनुसार, मुश्किल हालात में राहत और मदद पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसी के साथ पूर्व मंत्री के बयान को लेकर ग्रामीणों की नाराजगी भी सामने आई है।
पानी घटा, लेकिन बयानबाजी से बढ़ी हलचल
नकहरा गांव में बाढ़ का पानी अब धीरे-धीरे कम होने की बात कही जा रही है, लेकिन इसको लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। पूर्व मंत्री के बयान पर ग्रामीणों की प्रतिक्रिया के बाद मामला स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। अब बाढ़ की जमीनी स्थिति और उस पर सामने आए राजनीतिक बयानों को लेकर सियासी हलचल बनी हुई है।



