Sultanpur: कादीपुर के कुंभी डडिया गांव में शिक्षक दंपती की हत्या के बाद बुधवार को अंतिम संस्कार से पहले नया मोड़ आ गया। धोपाप घाट पर अंतिम संस्कार के लिए शव यात्रा निकली तो शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने धोपाप रोड पर शवों को रोक दिया। शिक्षक संघ के लोग सड़क पर बैठ गए और पुलिस-प्रशासन से घटना के जल्द अनावरण तथा परिवार को सुरक्षा देने का लिखित आश्वासन मांगने लगे।
जानिए क्या है पूरा मामला?
मंगलवार को मोतिगरपुर शिक्षक संघ के अध्यक्ष मुकेश सिंह और उनकी पत्नी विनीता सिंह के शव उनके निजी स्कूल में लहूलुहान हालत में मिले थे। घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू की थी। मंगलवार देर रात करीब 1:30 बजे दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद शवों को गांव लाया गया। बुधवार सुबह करीब नौ बजे घर से अंतिम संस्कार के लिए शव यात्रा निकली। इस दौरान रिश्तेदार महिलाओं की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया। बड़ी संख्या में रिश्तेदार, ग्रामीण और शिक्षक संघ के पदाधिकारी शव यात्रा में शामिल हुए। धोपाप पुल से कादीपुर रोड पर करीब 300 मीटर आगे शिक्षक संघ ने शव यात्रा रुकवा दी।
संघ के पदाधिकारियों ने मांग की कि प्रशासन घटना के अनावरण की समयसीमा लिखित रूप से बताए। साथ ही मृतक दंपती के बेटे और परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की गई। आरोप है कि घटना के बाद से प्रशासन के उच्च अधिकारियों ने अब तक बेटे से संपर्क नहीं किया। मौके पर एडीएम कादीपुर विनीत कुमार और सीओ कादीपुर विनय गौतम शिक्षक संघ के पदाधिकारियों से वार्ता कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि शिक्षक संघ के प्रदेश स्तर के नेता भी मौके पर पहुंच रहे हैं। पूर्व विधायक एवं सपा नेता भगेलू राम और करणी सेना के जिलाध्यक्ष भी मौके पर पहुंचे हैं।














