मध्य पूर्व में जारी अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच तनाव ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर दबाव बढ़ा दिया है। इस संकट के बीच भारत के लिए एक सकारात्मक खबर सामने आई है। भारत के झंडे वाले दो जहाज ‘जग वसंत’ और ‘पाइन गैस’, सुरक्षित रूप से एलपीजी लेकर होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे हैं, जिससे देश की ऊर्जा जरूरतों को राहत मिलने की उम्मीद है।
रणनीतिक मार्ग से सुरक्षित गुजरने की मिली अनुमति
जहाज-ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, दोनों जहाजों को संवेदनशील होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की मंजूरी दी गई है। यह मार्ग वैश्विक तेल और गैस सप्लाई के लिए बेहद अहम माना जाता है। अनुमति मिलने के बाद ही इन जहाजों ने अपनी यात्रा आगे बढ़ाई, जो क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति को देखते हुए महत्वपूर्ण कदम है।
घरेलू उपयोग के लिए अहम है LPG आपूर्ति
इन जहाजों में लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) लदी हुई है, जिसका भारत में बड़े पैमाने पर खाना पकाने के ईंधन के रूप में उपयोग किया जाता है। ऐसे समय में जब अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति प्रभावित हो रही है, इन जहाजों का सुरक्षित आना भारत के लिए बड़ी राहत साबित हो सकता है।
UAE से रवाना होकर ईरान तट के पास से गुजरे जहाज
सोमवार तड़के दोनों जहाज संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के तट से रवाना हुए और ईरान के केशम और लारक द्वीपों के पास से गुजरते हुए आगे बढ़े। आमतौर पर होर्मुज जलडमरूमध्य को पार करने में लगभग 14 घंटे लगते हैं, और उम्मीद है कि ये जहाज बिना किसी बाधा के ओमान की खाड़ी तक पहुंच जाएंगे।
तनाव के कारण फंसे जहाजों को मिली राहत
गौरतलब है कि ये दोनों जहाज फरवरी के अंत में, क्षेत्र में संघर्ष तेज होने से पहले फारसी खाड़ी में पहुंचे थे, लेकिन बढ़ते तनाव के कारण आगे नहीं बढ़ पा रहे थे। ‘जग वसंत’ ने कुवैत से और ‘पाइन गैस’ ने UAE के रुवैस से LPG लोड की थी। इससे पहले भी इसी महीने भारत के दो अन्य LPG जहाज इसी मार्ग से सुरक्षित देश लौट चुके हैं, जो मौजूदा हालात में राहत की खबर है।
















































