‘कहीं विद्यार्थी नदारद तो कहीं जर्जर भवन में पढ़ाई..’, इटावा की डिजिटल लाइब्रेरियों की व्यवस्था पर सवाल

इटावा: ग्रामीण विद्यार्थियों की पढ़ाई के लिए बनाई गई डिजिटल लाइब्रेरियों की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो रहे हैं। महेवा ब्लॉक की ग्राम पंचायत मुकुटपुर के मिनी सचिवालय में बनी डिजिटल लाइब्रेरी में निरीक्षण के दौरान एक भी विद्यार्थी मौजूद नहीं मिला। पंचायत सहायक ज्योति कुमारी किताबों को अलमारी में व्यवस्थित करती मिलीं।

लाइब्रेरी में दो पंखे, दो नए कंप्यूटर, प्रिंटर, करीब 13 कुर्सियां और दो टेबल रखी मिलीं। पंचायत सहायक के अनुसार रजिस्टर में 10 बच्चों के नाम दर्ज हैं। उन्होंने बताया कि बच्चे लाइब्रेरी आते रहते हैं। हालांकि ग्रामीणों ने नाम न छापने की शर्त पर लाइब्रेरी का संचालन नियमित नहीं होने का आरोप लगाया। लाइब्रेरी का वाई-फाई भी काफी समय से बंद बताया गया।मिनी सचिवालय परिसर में लगा वाटर कूलर भी बंद मिला। बताया गया कि समर खराब होने के कारण पानी नहीं आ रहा है। ग्राम प्रधान को इसकी जानकारी देकर मरम्मत कराने की बात कही गई।

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परिसर में वर्ष 2019-20 में बनाए गए दो सामुदायिक शौचालय भी जर्जर हालत में मिले। दीवारों में दरारें पड़ चुकी हैं। ग्राम पंचायत अधिकारी अजय कुमार ने बताया कि भवन पुराने और क्षतिग्रस्त हैं। मरम्मत के लिए प्रस्ताव किया गया है।वहीं ग्राम पंचायत फतेहपुर के मजरा महासिंहपुर में नहर पटरी के पास बने मिनी सचिवालय में डिजिटल लाइब्रेरी संचालित मिली। यहां दो विद्यार्थी पढ़ते मिले। 19 विद्यार्थियों के बैठने की व्यवस्था के साथ टेबल, लॉकर, पंखे, कंप्यूटर, सीसीटीवी कैमरे और इनवर्टर की सुविधा मिली। लेकिन लाइब्रेरी का भवन ही जर्जर हालत में है और दीवारों में दरारें बताई गईं। ऐसे में ग्रामीणों ने भवन की जल्द मरम्मत कराने की मांग उठाई है, ताकि पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों की सुरक्षा से खिलवाड़ न हो।

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