स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को प्रयागराज मेला में आजीवन प्रतिबंध की चेतावनी, नया नोटिस जारी

संगम तट पर आयोजित माघ मेले को लेकर प्रशासन और ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। मेले के आयोजकों ने स्वामी जी को एक नया नोटिस जारी किया है, जिसमें 24 घंटे के भीतर जवाब देने को कहा गया है। नोटिस में चेतावनी दी गई है कि यदि समय पर उत्तर नहीं दिया गया तो उन्हें मेले में प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया जा सकता है। इस कार्रवाई के बाद उनके भक्त और समर्थक भी आक्रोशित हैं।

शंकराचार्य के मीडिया प्रभारी ने उठाए सवाल

राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी शैलेन्द्र योगिराज सरकार ने प्रशासन की इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अब व्यक्तिगत प्रतिशोध की भावना से कार्य कर रही है। उनका कहना है कि नोटिस प्रशासन द्वारा बैकडेट (पुरानी तारीख) के साथ चस्पा किया गया और अधिकारी स्वयं जाकर जवाब न देने का दबाव डाल रहे थे। शैलेन्द्र योगिराज ने यह भी कहा कि यह पारदर्शिता के मानकों के खिलाफ है।

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बिना अनुमति पालकी पर जाने का आरोप

प्रशासन ने नोटिस में बताया कि मौनी अमावस्या पर स्वामी जी बिना अनुमति पालकी में सवार होकर संगम क्षेत्र में प्रवेश करने का प्रयास कर रहे थे। उस समय क्षेत्र में भारी भीड़ थी और केवल पैदल आवागमन की अनुमति थी। प्रशासन ने कहा कि इस कृत्य के कारण भीड़ प्रबंधन में गंभीर कठिनाइयाँ आईं और स्नानार्थियों की सुरक्षा पर खतरा पैदा हुआ।

मेले से प्रतिबंध की चेतावनी

नोटिस में यह भी कहा गया कि स्वामी जी ने शंकराचार्य होने का दावा करते हुए मेले में बोर्ड लगाए, जबकि सर्वोच्च न्यायालय ने इसे रोक रखा है। प्रशासन ने 24 घंटे में जवाब न देने पर उनकी संस्था को दी गई भूमि और सुविधाओं को निरस्त करने तथा उन्हें मेले में प्रवेश पर स्थायी प्रतिबंध लगाने की चेतावनी दी है। शैलेन्द्र योगिराज ने बताया कि उनका उत्तर तैयार है और जल्द ही प्रशासन को सौंपा जाएगा।

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