2027 का विस चुनाव लोकतंत्र और संविधान बचाने की निर्णायक लड़ाई : श्यामलाल पाल

संतकबीरनगर जिले के मुखलिसपुर में समाजवादी पार्टी की ओर से पीडीए बूथ कार्यकर्ता सम्मेलन में रविवार को पहुंचे सपा प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल ने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को लोकतंत्र और संविधान बचाने की निर्णायक लड़ाई बताया। उन्होंने भाजपा सरकार पर एसआईआर के माध्यम से पीडीए समाज के लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाने का आरोप लगाया। सपा प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल ने कहा कि मतदाता सूची से नाम काटना लोकतांत्रिक अधिकारों को कमजोर करने की कोशिश है। वर्ष 2027 का चुनाव करो या मरो की लड़ाई है। पीडीए के अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए कार्यकर्ताओं को गांव-गांव और बूथ स्तर तक मजबूती से जुटना होगा। उन्होंने कहा कि किसान परेशान हैं, युवा रोजगार के लिए संघर्ष कर रहे हैं और महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है।

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पीडीए के अधिकारों की लड़ाई बूथ स्तर से लड़ने का आह्वान

प्रदेश अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव जिस प्रत्याशी को मैदान में उतारें, उसे एकजुट होकर जिताने के लिए अभी से बूथ स्तर पर तैयारी शुरू करें। उन्होंने कहा कि बूथ मजबूत होगा तो संगठन मजबूत होगा और संगठन की ताकत से सत्ता परिवर्तन का रास्ता खुलेगा। उन्होंने सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कहा कि जनता सब देख रही है और चुनाव में इसका जवाब देगी। सम्मेलन में बूथ, सेक्टर और जोन प्रभारियों को सम्मानित किया गया। आयोजक केडी यादव ने कहा कि पीडीए समाज अपने अधिकारों और सम्मान को लेकर जागरूक हो चुका है। कार्यकर्ताओं से अभी से बूथों पर सक्रिय होने का आह्वान किया गया।

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ये पदाधिकारी व नेता रहे मौजूद

संचालन देवेंद्र उर्फ चंदू यादव और अध्यक्षता प्रभुनाथ यादव ने की। सम्मेलन में सांसद लक्ष्मीकांत उर्फ पप्पू निषाद, पूर्व जिलाध्यक्ष गौहर अली, अब्दुल कलाम, पूर्व विधायक अलगू प्रसाद चौहान, इंदल यादव, आफताब आलम, शिवनाथ यादव, इं. सुरेंद्र यादव, रामवृक्ष यादव, श्यामसुंदर चौहान और राम आशीष आदि मौजूद रहे।