उत्तर प्रदेश के आबकारी एवं मद्यनिषेध राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नितिन अग्रवाल ने लखनऊ में आयोजित प्रेस वार्ता में वित्तीय वर्ष 2025-26 में आबकारी विभाग की राजस्व उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विभाग ने इस दौरान 57,722.26 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया, जो अब तक का उच्चतम वार्षिक संग्रह है। यह पिछले वर्ष 2024-25 के 52,573.07 करोड़ रुपये के मुकाबले 9.79 प्रतिशत या 5,149.19 करोड़ रुपये अधिक है।
पावर अल्कोहल और शीरा उत्पादन में बढ़ोतरी
मंत्री अग्रवाल ने प्रदेश में शीरा उत्पादन, खपत और निर्यात की स्थिति को उत्कृष्ट बताया। उन्होंने कहा कि एथनॉल (पावर अल्कोहल) उत्पादन में भी निरंतर वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2025-26 (फरवरी तक) में कुल 20,838.59 लाख लीटर पावर अल्कोहल का उत्पादन हुआ, जिससे औद्योगिक विकास को तेजी मिली और राजस्व वृद्धि में भी महत्वपूर्ण योगदान हुआ।
ड्रिंकिंग शॉप्स का नवीनीकरण और ई-लॉटरी प्रणाली
आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए विभाग ने मदिरा और बीयर की फुटकर दुकानों के नवीनीकरण एवं पारदर्शी आवंटन के लिए ई-लॉटरी प्रणाली लागू की है। पहले चरण में 25,613 दुकानों का नवीनीकरण किया गया, जबकि 811 दुकानों का आवंटन लॉटरी के माध्यम से किया गया। बाकी दुकानों की प्रक्रिया भी प्रगति पर है।
औद्योगिक निवेश और नई इकाइयों का विस्तार
आबकारी विभाग ने औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न निवेशकों के साथ एमओयू किए हैं। इसके तहत बड़े पैमाने पर निवेश और रोजगार सृजन सुनिश्चित किया जा रहा है। इसके अलावा, प्रदेश में नई आसवनियों, यवासवनियों और वाइनरी इकाइयों की स्थापना भी तेजी से हो रही है, जिससे उद्योग और मजबूत होगा।
सख्त कानून प्रवर्तन और डिजिटल निगरानी प्रणाली
मंत्री अग्रवाल ने अवैध शराब के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानकारी दी। वित्तीय वर्ष 2025-26 में मार्च तक 1,09,077 अभियोग दर्ज किए गए, 28.08 लाख लीटर अवैध मदिरा बरामद की गई, 19,935 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया और 3,721 लोगों को जेल भेजा गया। साथ ही 143 वाहनों को जब्त किया गया। उन्होंने बताया कि IESCMS प्रणाली के माध्यम से लाइसेंसिंग, परमिट, आपूर्ति श्रृंखला और निगरानी पूरी तरह डिजिटल तरीके से संचालित की जा रही है। वर्ष 2026-27 के लिए विभाग का राजस्व लक्ष्य 71,278 करोड़ रुपये रखा गया है।
ब्रेकिंग ट्यूब पर पॉडकास्ट में क्या बोले नितिन अग्रवाल?
वही हमारे चैनल ब्रेकिंग ट्यूब पर पॉडकास्ट में आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल ने बताया कि प्रदेश में शराब की बिक्री और राजस्व संग्रह में लगातार वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों में राज्य सरकार की कोशिशों और डिजिटलाइजेशन के कारण आबकारी विभाग की राजस्व योगदान 36,000 करोड़ से बढ़कर 57,722 करोड़ रुपये तक पहुँच गया है। मंत्री ने बताया कि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता, जवाबदेही और डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम लागू किए गए हैं, जिससे अवैध शराब और तस्करी पर नियंत्रण रखा गया है।
मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कच्ची और देशी शराब के सेवन से मौत के मामलों को रोकने के लिए सख्त नियंत्रण रखा गया है। उन्होंने मेरठ में हाल ही में आए मामले का उदाहरण देते हुए स्पष्ट किया कि राज्य में सरकारी डिस्लरी से प्राप्त शराब से किसी की मौत नहीं हुई है और अवैध शराब बनाने वाले ग्रामीण अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने राज्य में शराब उत्पादन को बढ़ावा देने और निवेश आकर्षित करने की रणनीतियों के बारे में भी बताया। राज्य में अब 95 डिस्टिलरीज चालू हैं और 7 नई निर्माणाधीन हैं, साथ ही मोलेस और एथेनॉल उत्पादन में उत्तर प्रदेश देश में अग्रणी बन गया है। इसके साथ ही उन्होंने खुला बाजार और प्रतिस्पर्धात्मक नीति लागू कर उद्योग और उपभोक्ता दोनों को फायदा पहुँचाया है।
अग्रवाल ने कहा कि मद निषेध विभाग नशामुक्ति और जागरूकता कार्यक्रम भी चला रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश में शराब की दुकानों की संख्या घटाकर करीब 3,000 की कमी की गई है, जिससे नियंत्रण और निगरानी बेहतर हुई है। मंत्री ने यह स्पष्ट किया कि आबकारी विभाग केवल नियामक है और किसी को शराब पीने के लिए प्रोत्साहित नहीं करता।पूरे पॉडकास्ट को सुनने के लिए ऊपर दिए गए यूट्यूब वीडियो लिंक पर क्लिक करें।
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