मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन को लेकर समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव एवं करनैलगंज विधानसभा क्षेत्र के नेता दिग्विजय सिंह ने प्रशासन की ओर से की जा रही रोक-टोक पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखना और विरोध दर्ज कराना नागरिकों का अधिकार है।
प्रदर्शन में शामिल होने से रोकने का आरोप
दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने से रोकने के लिए प्रशासन की ओर से तरह-तरह की रोक-टोक की जा रही है। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन को रोकने की कोशिशें लोकतांत्रिक अधिकारों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर सवाल खड़े करती हैं।
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‘जनता की आवाज दबाई नहीं जा सकती’
सपा नेता ने कहा कि जनता से जुड़े मुद्दों पर अपनी आवाज उठाना लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कहा कि किसी भी शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल होने से रोकना उचित नहीं है और जनता की आवाज को दबाया नहीं जा सकता।
कार्यकर्ताओं से शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अपील
दिग्विजय सिंह ने कार्यकर्ताओं और आम लोगों से लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि विरोध-प्रदर्शन शांतिपूर्ण और संवैधानिक दायरे में होना चाहिए। साथ ही उन्होंने लोकतांत्रिक अधिकारों के सम्मान की बात कही।
बयान के बाद सियासत गरमाई
सपा नेता के बयान के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर जिले की सियासत में चर्चा तेज हो गई है। प्रशासन की रोक-टोक को लेकर लगाए गए आरोपों ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है।














