UP: रायबरेली में लाखों के ट्रैफिक सिग्नल बने शोपीस, 3 साल से नहीं सुधरी व्यवस्था

UP: रायबरेली शहर की यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित करने के लिए प्रमुख चौराहों पर लाखों रुपये की लागत से लगाए गए ट्रैफिक सिग्नल अब महज शोपीस बनकर रह गए हैं। पुलिस लाइन चौराहा, डिग्री कॉलेज चौराहा और सिविल लाइंस चौराहे पर स्थापित सिग्नल लाइटें करीब तीन वर्षों से प्रभावी ढंग से संचालित नहीं हो पा रही हैं। ऐसे में लगातार बढ़ते वाहनों के दबाव के बीच शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पुराने तरीके से ही चल रही है।

बड़े शहरों की तर्ज पर शुरू हुई थी सिग्नल व्यवस्था

करीब तीन साल पहले रायबरेली में भी बड़े शहरों की तर्ज पर प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल लगाए गए थे। उम्मीद थी कि इससे वाहनों की आवाजाही नियंत्रित होगी और जाम की समस्या से राहत मिलेगी। हालांकि, नगर पालिका और यातायात विभाग के बीच अपेक्षित समन्वय नहीं बन पाने के कारण यह व्यवस्था अपने उद्देश्य में सफल नहीं हो सकी। प्रमुख चौराहों पर दिनभर वाहनों का दबाव बना रहता है।

Also Read: कानपुर: सिग्नल तोड़ने से रोका तो किन्नरों ने सिपाही को जमकर पीटा, वर्दी भी फाड़ी

कुछ ही मिनटों में लग जाती है वाहनों की कतार

शहर के व्यस्त चौराहों पर कई बार यातायात का दबाव इतना बढ़ जाता है कि कुछ ही मिनटों में वाहनों की लंबी लाइन लग जाती है। इससे राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानी होती है। पीक आवर्स में स्थिति और गंभीर हो जाती है, जिससे लोगों को जाम में काफी समय तक फंसे रहना पड़ता है। सिग्नल व्यवस्था प्रभावी न होने से यातायात को नियंत्रित करने की जिम्मेदारी भी पुलिसकर्मियों पर बढ़ जाती है।

चौराहों की कम चौड़ाई भी बनी चुनौती

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, शहर के कई चौराहों की चौड़ाई सीमित है और वहां एक साथ बड़ी संख्या में वाहनों को रोकना संभव नहीं है। ऐसे में सिग्नल की टाइमिंग निर्धारित करने के बावजूद यातायात को पूरी तरह सुचारु रखना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। किसी एक दिशा से अचानक वाहनों की संख्या बढ़ने पर सिग्नल व्यवस्था के बावजूद जाम की स्थिति पैदा हो सकती है।

Also Read: UP: अर्थव्यवस्था, निवेश, कानून-व्यवस्था और इन्फ्रास्ट्रक्चर के मोर्चे पर बदली प्रदेश की तस्वीर

तकनीकी खामियां दूर कर सिग्नल चालू करने की मांग

लगातार बनी इस समस्या को लेकर स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों में नाराजगी है। उनका कहना है कि नगर पालिका और यातायात विभाग को आपसी तालमेल के साथ सिग्नल व्यवस्था की तकनीकी खामियों को दूर करना चाहिए। शहरवासियों ने प्रशासन से इन सिग्नलों को जल्द से जल्द प्रभावी रूप से चालू कराने और यातायात प्रबंधन की ठोस योजना तैयार करने की मांग की है, ताकि रोजाना लगने वाले जाम से लोगों को राहत मिल सके।

( देश और दुनिया की खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं. )