पेट्रोल-डीजल को लेकर अफवाह के बाद अब रसोई गैस को लेकर भी लोग परेशान हैं। गैस के दाम बढ़ने और संभावित किल्लत की चर्चाओं के बीच रसोई गैस एजेंसियों व गोदामों पर भीड़ उमड़ रही है। प्रशासन और पूर्ति विभाग लगातार दावा कर रहा है कि किसी तरह की कोई कमी नहीं है लेकिन शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र के लोग अफवाहों से उबर नहीं पा रहे हैं। सुबह से ही लोग गैस गोदामों पर लाइन में लग रहे हैं और किसी भी तरह गैस सिलिंडर हासिल करने की जुगत लगाते दिखाई दे रहे हैं।
हाल ही में घरेलू रसोई गैस सिलिंडर की कीमत में करीब 60 रुपये तथा कॉमर्शियल सिलिंडर में लगभग 115 रुपये की बढ़ोतरी के बाद उपभोक्ताओं में चिंता बढ़ गई है। 7 मार्च से लागू नई कीमतों के बाद कई जगहों पर लोग पहले ही सिलिंडर लेने के लिए एजेंसियों और गोदामों की ओर दौड़ पड़े।कई गैस एजेंसियों के बाहर सुबह से ही लंबी कतारें देखी गईं। कुछ स्थानों पर एजेंसी खुलने से पहले ही लोग लाइन में लग गए। इससे गोदामों के बाहर अफरा-तफरी जैसा माहौल बन गया। लोगों का कहना है कि सोशल मीडिया पर गैस की संभावित कमी और अंतरराष्ट्रीय हालात को लेकर चल रही खबरों के कारण वे पहले से ही तैयारी कर लेना चाहते हैं, ताकि बाद में परेशानी न हो। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि देश में रसोई गैस का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। लोगों को अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए।
यूपी में रसोई गैस (LPG) की किल्लत हो गई है। लखनऊ, प्रयागराज, गोरखपुर समेत कई शहरों में बुकिंग के 4 से 5 दिन बाद सिलेंडर नहीं मिल रहे हैं। गैस एजेंसियों के बाहर लाइनें लगने लगी हैं। गोरखपुर में एजेंसी के बाहर अपनी बारी का इंतजार कर रहे लोगों ने कहा- 2–3 दिन से लाइन लगा रहे हैं। ऐसा लग रहा है कि 15-20 साल पहले जैसे हालात हो गए हैं, जब गैस सिलेंडर के लिए महीनों का इंतजार करना पड़ता था। हालांकि, अफसरों का कहना है कि परेशान होने की जरूरत नहीं है। लखनऊ के जिला पूर्ति अधिकारी विजय प्रताप सिंह ने कहा- फिलहाल किसी तरह की कमी की स्थिति नहीं है। विभाग के पास 25 दिन का कोटा उपलब्ध है। गैस कंपनियों ने भी ग्राहकों को मैसेज भेजकर गैस की किल्लत की खबरों से इनकार किया। कहा- ईंधन की कमी के दावे भ्रामक और निराधार हैं। देश में ईंधन का पर्याप्त स्टॉक है।
INPUT-ANANYA MISHRA














































