लखनऊ।उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में उस वक्त तनावपूर्ण स्थिति बन गई जब अपना दल (कमेरावादी) की अध्यक्ष और सिराथू विधायक पल्लवी पटेल के नेतृत्व में निकाले जा रहे पैदल मार्च को पुलिस ने रोक दिया। यह मार्च UGC इक्विटी रेगुलेशन 2026 के समर्थन में निकाला जा रहा था, जिसमें सैकड़ों महिलाएं और कार्यकर्ता शामिल थे।
पल्लवी पटेल महिलाओं के साथ आईटी चौराहे से विधानसभा तक पैदल मार्च निकाल रही थीं। मार्च जब रिजर्व पुलिस लाइन के पास पहुंचा तो पुलिस ने रास्ते में भारी बैरिकेडिंग कर आंदोलनकारियों को रोक दिया। मौके पर कंटीले बैरिकेड लगाए गए थे।
बैरिकेडिंग पार करने की कोशिश, पुलिस से झड़प
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक जब पल्लवी पटेल ने बैरिकेडिंग पार करने की कोशिश की तो पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इसी दौरान पल्लवी और पुलिस के बीच झड़प हो गई। झड़प के बाद पल्लवी पटेल सड़क पर ही धरने पर बैठ गईं।
पुलिस ने करीब 15 मिनट तक मान-मनौव्वल की, लेकिन पल्लवी पटेल धरने से हटने को तैयार नहीं हुईं। इसके बाद पुलिस ने एक-एक कर सभी कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेना शुरू कर दिया।
सड़क पर लेटीं पल्लवी, हिरासत में लेने में मशक्कत
जब पुलिस सभी कार्यकर्ताओं को गाड़ियों में बैठा रही थी, उसी दौरान पल्लवी पटेल सड़क पर लेट गईं। पुलिस को उन्हें उठाकर गाड़ी तक ले जाने में काफ़ी मशक्कत करनी पड़ी।
गाड़ी तक पहुंचने के बाद भी पल्लवी पटेल गेट पर अड़ गईं। महिला पुलिसकर्मियों ने उन्हें हाथ और पीठ के सहारे अंदर बैठाने की कोशिश की, लेकिन वे लगातार विरोध करती रहीं। आरोप है कि इसके बाद महिला पुलिसकर्मियों ने उनके बाल पकड़कर उन्हें गाड़ी के अंदर धकेल दिया, जिस पर मौके पर मौजूद महिलाओं और कार्यकर्ताओं ने कड़ा विरोध जताया।
पल्लवी पटेल का आरोप
हिरासत में लिए जाने से पहले पल्लवी पटेल ने कहा कि UGC इक्विटी रेगुलेशन 2026 को टालना आरक्षित और वंचित वर्गों के अधिकारों के साथ सीधा अन्याय है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर इस मुद्दे को दबाने की कोशिश कर रही है और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने वालों पर बल प्रयोग किया जा रहा है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
पल्लवी पटेल अपना दल (कमेरावादी) की राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं और वर्तमान में समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन में हैं। वे कौशाम्बी जिले की सिराथू विधानसभा सीट से विधायक हैं।
घटना के बाद विपक्षी दलों ने पुलिस कार्रवाई की निंदा करते हुए योगी सरकार पर महिला जनप्रतिनिधि के साथ दुर्व्यवहार का आरोप लगाया है। वहीं प्रशासन का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई की गई।
INPUT-ANANYA MISHRA












































