उत्तर प्रदेश में मंगलवार 1 अप्रैल को शिक्षक और कर्मचारी पुरानी पेंशन बहाली (Old Pension Scheme) की मांग को लेकर काला दिवस मना रहे हैं। अटेवा (अखिल भारतीय राज्य सरकार कर्मचारी महासंघ) ने इस आंदोलन का आह्वान किया है, जिसे प्रदेश के शिक्षक और कर्मचारी संगठनों का व्यापक समर्थन मिल रहा है।
जबरन थोपी जा रही नई पेंशन योजना
पुरानी पेंशन की बहाली पर जोरअटेवा के आह्वान पर प्रदेश भर के शिक्षक और कर्मचारी अपने कार्यस्थलों से ही इस आंदोलन में शामिल होंगे और पुरानी पेंशन बहाली की मांग करेंगे। उत्तर प्रदेश बीटीसी शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव ने बताया कि संघ ने इस आंदोलन का समर्थन करने का निर्णय लिया है और प्रदेश के पेंशन विहीन शिक्षक इसमें बढ़-चढ़कर भाग लेंगे।
उन्होंने कहा, ‘ओपीएस (पुरानी पेंशन योजना) देने के बजाय यूपीएस (नई पेंशन योजना) जबरन शिक्षकों और कर्मचारियों पर थोपी जा रही है। जब देश में एक विधान, एक चुनाव, एक सरकार हो सकती है, तो पेंशन योजनाएं तीन-तीन क्यों? अपने जीवनभर की सेवा देने वाले कर्मचारियों से उनकी बुढ़ापे की लाठी क्यों छीनी जा रही है?’
सरकार से पुनर्विचार की अपीलअटेवा और शिक्षक संघों ने केंद्र और राज्य सरकार से अपील की है कि वे जल्द से जल्द इस मुद्दे पर पुनर्विचार करें और पुरानी पेंशन बहाल करें। लुआकटा के अध्यक्ष डॉ. मनोज पांडेय ने कहा कि शिक्षक इस आंदोलन में पूरी मजबूती से शामिल हो रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘हम अपनी पुरानी पेंशन लेकर रहेंगे और इसके लिए सभी आंदोलनों और प्रदर्शनों में हिस्सा लेंगे।’
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इस विरोध प्रदर्शन से प्रदेश में पुरानी पेंशन बहाली की मांग ने और जोर पकड़ लिया है। शिक्षक और कर्मचारी एकजुट होकर सरकार से अपनी मांग पूरी करने की अपील कर रहे हैं।
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