UP: उत्तर प्रदेश विधान परिषद में विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के दौरान ब्लॉक लेवल ऑफिसर (BLO) की मौत का मुद्दा गरमाया। विपक्षी विधायकों ने आरोप लगाया कि SIR की जल्दबाजी और BLO पर अत्यधिक दबाव के कारण कम से कम 10 BLO की मौत हो चुकी है। सपा विधायक आराधना मिश्रा ‘मोना’ ने कहा कि बिना ट्रेनिंग के शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई, जिससे उनका मानसिक और शारीरिक दबाव बढ़ा। उन्होंने मुरादाबाद के शिक्षक सर्वेश के सुसाइड और फतेहपुर में 27 वर्षीय लेखपाल की शादी से एक दिन पहले आत्महत्या का जिक्र किया। एक महिला शिक्षक की काम के दौरान हार्ट अटैक से मौत का भी उदाहरण दिया। मोना ने मांग की कि मृत BLO के परिवार को 50 लाख रुपये की आर्थिक मदद और नौकरी दी जाए।
SIR प्रक्रिया पर विपक्ष का हमला
विपक्ष ने SIR को सपा का वोट कटवाने की साजिश बताया। सपा विधायक पारस ने कहा कि BLO बाहर रहने वाले मतदाताओं पर वोट काटने का दबाव बना रहे हैं। फॉर्म-6 में पहले आसानी से नाम जुड़ता था, लेकिन अब एफिडेविट मांगकर 600 रुपये खर्च करवाए जा रहे हैं। विपक्ष ने आरोप लगाया कि फॉर्म-7 के दुरुपयोग से पीडीए और अल्पसंख्यक वोटरों को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने चुनाव आयोग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।
सुरेश खन्ना का पलटवार
संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि ज्यादातर मुद्दे चुनाव आयोग के दायरे में आते हैं। उन्होंने आर्टिकल 13-AA का जिक्र करते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी की नियुक्ति प्रक्रिया समझाई। BLO की मौत पर खन्ना ने कहा कि यह दुखद है और जांच का विषय है। उन्होंने परिवारों के साथ संवेदना जताई और कहा कि सरकार उन्हें अन्य सरकारी कर्मचारियों के बराबर ही ट्रीट करेगी। खन्ना ने SIR को पारदर्शी बताया और कहा कि 90 लाख से अधिक मामलों में सुनवाई पूरी हो चुकी है।
कोडीन मामले पर तीखी बहस
कोडीन (कोकीन) तस्करी मामले पर कैबिनेट मंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि “एक भी आरोपी नहीं बचेगा”। उन्होंने अखिलेश यादव पर तंज कसा कि बिहार जीत के लड्डू उन्हें भिजवा दूंगा। मंत्री शाहनवाज ने कहा कि कोडीन मामले में पकड़े गए लोगों को जमानत मिल गई है, जबकि सरकार फोटो-फोटो खेल रही है।
लोक सेवा आयोग भर्तियों में अनियमितता का आरोप
सपा विधायक संदीप ने लोक सेवा आयोग की भर्तियों में अनियमितता का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि नौजवानों को ‘नॉट फाउंड सूटेबल’ बताकर किनारे किया जा रहा है। आरक्षण न देने के लिए सरकारी नौकरियां खत्म की जा रही हैं और निजीकरण बढ़ाया जा रहा है। संदीप ने चिकित्सा अधिकारी (आयुर्वेद), पशु पालन अधिकारी और स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी जैसी भर्तियों का लेखा-जोखा पेश कर आरक्षण अनुपात पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भाजपा ने कुछ लोगों को हायर कर रखा है, जो आरक्षण और गरीबों की बात नहीं करते।
चयन आयोग में माइग्रेशन खत्म करने का आरोप
विधायक संग्राम सिंह यादव ने कहा कि यूपी चयन आयोग ने चुपके से माइग्रेशन की व्यवस्था खत्म कर दी। छात्रों ने विरोध जताया तो पुलिस ने अभद्रता की।
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चौधरी चरण सिंह पर चर्चा
नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने चौधरी चरण सिंह के एक कथन का जिक्र करते हुए कहा कि कम्युनिस्ट यूपी में प्रभावी नहीं हो पाए क्योंकि किसान अपनी जमीन से बहुत प्यार करते हैं। विधायक आराधना मिश्रा ‘मोना’ ने भी चरण सिंह के जीवन और भूमि सुधार कानून का जिक्र किया। सपा विधायक अतुल प्रधान ने गन्ना मूल्य और किसानों की समस्याओं पर सरकार से सवाल किए।
राजनीतिक माहौल
विधान परिषद में ये बहसें साफ दिखाती हैं कि सपा और भाजपा के बीच अब कानून-व्यवस्था, आरक्षण, भर्ती, मतदाता सूची और सांस्कृतिक मुद्दों पर सीधी टक्कर है। विपक्ष सरकार को घेरने में लगा है, जबकि सत्ता पक्ष उपलब्धियां गिनाकर पलटवार कर रहा है। सत्र में आगे भी ऐसे हंगामे और बयानबाजी जारी रहने की संभावना है।















































