UP: गोरखपुर विश्वविद्यालय में स्वयं पाठ्यक्रमों में विद्यार्थियों की बढ़ती भागीदारी

गोरखपुर: दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में ‘स्वयं’ (Study Webs of Active Learning for Young Aspiring Minds) पाठ्यक्रमों को लेकर छात्रों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। कक्षाओं के बाद बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ स्वयं मंच पर उपलब्ध वीडियो व्याख्यान देख रहे हैं, साप्ताहिक क्विज़ हल कर रहे हैं और आंतरिक मूल्यांकन की तैयारी में सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं। इस पहल ने विद्यार्थियों में सीखने के प्रति उत्साह और भागीदारी बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति–2020 के अनुरूप पाठ्यक्रम

विश्वविद्यालय ने इस सत्र से स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में स्वयं पाठ्यक्रम लागू किए हैं। स्नातक के द्वितीय सेमेस्टर में कौशल संवर्धन पाठ्यक्रम (SEC), चतुर्थ सेमेस्टर में क्षमता संवर्धन पाठ्यक्रम (AEC) और स्नातकोत्तर के द्वितीय सेमेस्टर में अंतर-विभागीय ओपन इलेक्टिव के तहत विद्यार्थियों को स्वयं पाठ्यक्रम के माध्यम से अध्ययन करने का अवसर दिया गया है। इन पाठ्यक्रमों के अंतर्गत छात्र व्यक्तित्व विकास, रोजगारपरक कौशल, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, साइबर सुरक्षा, मोबाइल संचार, पर्यावरण अध्ययन, योग और सकारात्मक मनोविज्ञान जैसे विषय सीख रहे हैं।

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आंतरिक मूल्यांकन अनिवार्य

विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्वयं पाठ्यक्रमों का आंतरिक मूल्यांकन अनिवार्य है। विद्यार्थियों को स्वयं मंच पर संचालित आंतरिक मूल्यांकन में कम से कम 40 प्रतिशत अंक प्राप्त करना होगा। आंतरिक मूल्यांकन सफलतापूर्वक पूर्ण किए बिना छात्र सेमेस्टर परीक्षा में शामिल नहीं हो पाएंगे। यह कदम छात्रों की नियमित भागीदारी और सीखने की प्रक्रिया को सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है।

डिजिटल और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा

माननीय कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि स्वयं पाठ्यक्रम विश्वविद्यालय में डिजिटल, लचीली और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा दे रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि छात्रों की सक्रिय भागीदारी राष्ट्रीय शिक्षा नीति–2020 के लक्ष्यों के अनुरूप उच्च शिक्षा के नए स्वरूप को दर्शाती है। इस सेमेस्टर में कुछ स्वयं पाठ्यक्रमों को अनिवार्य किया गया है और इसका अनुपालन विभागाध्यक्ष/प्राचार्य अपने मेंटर्स के माध्यम से सुनिश्चित करेंगे।

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पंजीकरण 

स्वयं नोडल अधिकारी प्रो. अजय कुमार शुक्ला ने छात्रों को बताया कि जिन छात्रों ने अभी तक स्वयं पोर्टल पर पंजीकरण नहीं किया है, वे शीघ्र पंजीकरण कर लें। कुछ पाठ्यक्रमों की पंजीकरण तिथि जल्द समाप्त हो रही है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने दोबारा स्पष्ट किया कि पंजीकरण और आंतरिक मूल्यांकन अनिवार्य है। जो छात्र इसका पालन नहीं करेंगे, वे न तो परीक्षा में बैठ पाएंगे और न ही संबंधित क्रेडिट प्राप्त कर पाएंगे।

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