UP: रायबरेली जिले में आवासीय परिसरों में नियमों को ताक पर रखकर संचालित हो रहे चिकित्सा संस्थानों के खिलाफ रायबरेली विकास प्राधिकरण (RDA) ने बड़ी कार्रवाई की है। शहर के साकेत नगर इलाके में आवासीय परिसर में अवैध रूप से संचालित हो रहे ‘वेदांता नर्सिंग होम’ को आरडीए की टीम ने सील कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद से शहर के अन्य नर्सिंग होम संचालकों में हड़कंप मच गया है।
मानकों की अनदेखी पर गिरी गाज
प्राप्त जानकारी के अनुसार, डॉ. निशांत द्वारा संचालित वेदांता नर्सिंग होम को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए आरडीए सचिव विशाल यादव के निर्देशन में एक टीम मौके पर पहुंची। टीम ने नर्सिंग होम के भू-उपयोग (लैंड यूज), भवन के नक्शे और अन्य आवश्यक अनुमतियों के दस्तावेजों की बारीकी से जांच की। जांच के दौरान स्पष्ट हुआ कि आवासीय भूखंड पर बिना व्यावसायिक अनुमति के यह अस्पताल चलाया जा रहा था। मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर प्राधिकरण ने तुरंत सीलिंग की कार्रवाई को अंजाम दिया।
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पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
आरडीए की इस सख्त कार्रवाई से स्वास्थ्य महकमे और शहर के अन्य अस्पताल संचालकों में खलबली मच गई है। उल्लेखनीय है कि हाल ही में अधिकारियों ने शहर के ही ‘शाश्वत नर्सिंग होम’ पर भी इसी तरह की सीलिंग की कार्रवाई की थी। जानकारों का कहना है कि रायबरेली शहर के अधिकांश नर्सिंग होम और अस्पताल आवासीय इमारतों में ही संचालित हो रहे हैं, जो नियमों के बिल्कुल विपरीत है।
आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई
वेदांता नर्सिंग होम पर हुई इस कार्रवाई के बाद अब यह बड़ा सवाल उठने लगा है कि शहर में धड़ल्ले से चल रहे अन्य अवैध नर्सिंग होमों पर विभाग का चाबुक कब चलेगा। आरडीए सचिव विशाल यादव ने स्पष्ट किया है कि शहर में नियमों और भू-उपयोग संबंधी प्रावधानों का उल्लंघन करने वाले किसी भी संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा। आने वाले दिनों में अन्य संदिग्ध भवनों और अस्पतालों के खिलाफ भी जांच का दायरा बढ़ाते हुए नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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