मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) की मुहिम का असर है कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) वैश्विक स्तर पर नई पहचान बना रहे हैं. एमएसएमई को और बढ़ावा देने के लिए हाल ही में एमएसएमई विभाग ने राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम (एनएसआईसी) से हाथ मिलाया है. www.MSMEmart.com बिजनेस टू बिजनेस ई मार्केटिंग पोर्टल के माध्यम से एमएसएमई उत्पादों को नई पहचान मिलेगी. इससे एमएसएमई को अपने उत्पादों या सर्विस को बेचने के लिए एक और प्लेटफॉर्म मिला है और वैश्विक स्तर पर यूपी के एमएसएमई उत्पाद अपनी अमिट छाप छोड़ेंगे.
सीएम योगी ने परंपरागत उद्योगों को नई पहचान दिलाने के लिए एक जिला, एक उत्पाद कार्यक्रम की शुरूआत की थी. जिस कारण प्रदेश का निर्यात 86 हजार करोड़ से बढ़कर एक लाख 56 हजार करोड़ हो गया है. अब इसे और विस्तार रूप देने के लिए वैश्विक बाजार में ई मार्केट के माध्यम से और आगे बढ़ाने की योजना है. एमएसएमई ग्लोबल मार्ट व्यवसाय, टेक्नोलॉजी, वित्तीय सम्बंधित सूचनाएं उपलब्ध कराएगा. डिजिटल मौजूदगी के जरिए यह भारतीय लघु एवं मध्यम उद्यमों की प्रमुख कोर क्षमता को भी प्रदर्शित करेगा. निगम अपने एमएसएमई ग्लोबल मार्ट www.MSMEmart.com के माध्यम से सूचना मध्यस्थता सेवाएं प्रदान कर रहा है, जो एक व्यवसाय से व्यवसाय तक (बी 2 बी) संपूर्ण वेब पोर्टल है. ये सेवाएं वार्षिक सदस्यता के जरिए उपलब्ध होंगी. पोर्टल पर 87 कैटेगरी के 86,734 उत्पाद उपलब्ध हैं. साथ ही, 1.89 लाख सदस्य और 1.80 लाख प्रोफाइल रजिस्टर्ड हैं.
अपर मुख्य सचिव एमएसएमई डॉ. नवनीत सहगल (Dr Navneet Sehgal) ने बताया कि भारत का सबसे तेजी से बढ़ता आनलाइन बाजार है, जो एक साथ कई व्यवसायों को एक ही मंच पर उत्पादों और सेवाओं को खरीदने, बेचने या तुलना करने का अवसर देता है. इससे यूपी के एमएसएमई को अपने उत्पादों या सेवाओं को खरीदने, बेचने के लिए एक और प्लेटफार्म उपलब्ध होगा. इस बाबत हम जल्द एनएसआईसी से एमओयू करने वाले हैं. साथ ही एमएसएमई को पोर्टल पर रजिस्टर्ड कराने के लिए सभी प्रकार के सहयोग और सहायता उपलब्ध कराएंगे.
( देश और दुनिया की खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं. )