इटावा: खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई और दुकान बंद करने के आदेश के बावजूद बिरयानी की दुकानें दोबारा खुलने का मामला सामने आया है। महज 24 घंटे के भीतर ही विभागीय आदेश बेअसर नजर आने से कार्रवाई की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
मामला टंकी परिसर के बाहर स्थित हैदर अली चिकन बिरयानी और मुरादाबादी हैदराबादी चिकन बिरयानी की दुकानों का है। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने दोनों प्रतिष्ठानों की जांच की थी। खाद्य सुरक्षा अधिकारी रवि भान सिंह के नेतृत्व में पहुंची टीम ने दुकानदारों से खाद्य कारोबार के लिए आवश्यक लाइसेंस प्रस्तुत करने को कहा, लेकिन दोनों संचालक मौके पर लाइसेंस नहीं दिखा सके।
इसके बाद विभागीय टीम ने नियमानुसार दोनों दुकानों को बंद करने के आदेश दिए थे। कार्रवाई के बाद कुछ समय तक दुकानें बंद रहीं, लेकिन स्थानीय लोगों के मुताबिक बाद में दोनों दुकानें फिर खुल गईं और बिरयानी की बिक्री शुरू हो गई।
दुकानें दोबारा खुलने के बाद सवाल उठ रहा है कि जब विभाग ने बिना लाइसेंस कारोबार पर बंदी के आदेश दिए थे तो उनका पालन आखिर कितने समय तक हुआ? क्या दुकानदारों ने विभाग से अनुमति या लाइसेंस प्राप्त कर लिया, या फिर आदेश को दरकिनार कर कारोबार शुरू कर दिया गया?
अब पूरे मामले में खाद्य सुरक्षा विभाग की अगली कार्रवाई पर निगाहें टिकी हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि बंदी का आदेश जारी हुआ था तो उसके अनुपालन की भी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।














