इटावा: गांवों में ग्रामीणों को पंचायत स्तर पर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए बनाए गए मिनी सचिवालय खुद बदहाली के शिकार हैं। महेवा ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत बराऊख, दिलीप नगर और गौतमपुरा में पंचायत भवनों की स्थिति ने व्यवस्थाओं की पोल खोल दी। कहीं निर्माण अधूरा पड़ा है तो कहीं जर्जर भवन में ताला लटका है।
बराऊख में मनरेगा योजना से बन रहा पंचायत भवन अभी तक पूरा नहीं हो सका है। भवन की पिछली दीवार पर प्लास्टर अधूरा है, परिसर का फर्श खराब है और शौचालय निर्माण भी अधूरा बताया गया। पंचायत भवन तक पक्का रास्ता तक नहीं है। आसपास गोबर और कूड़ा पड़ा मिला।
ग्राम पंचायत सचिव अवधेश कुमार ने बताया कि निर्माण कार्य अधूरा होने के कारण निर्माणदायी संस्था की धनराशि रोकी गई है। रास्ते की पैमाइश के बाद सड़क निर्माण का प्रस्ताव तैयार कर जल्द काम कराने की बात कही।
वहीं गौतमपुरा में पंचायत भवन की दीवारों में दरारें और फर्श की टूटी टाइलें व्यवस्था की हालत बयां कर रही हैं। भवन पर ताला लटका मिला। सीसीटीवी कैमरे की लाइन भी कटी हुई बताई गई। पीछे और एक ओर बाउंड्री नहीं होने से परिसर खुला पड़ा है। पास बने शौचालय में भी ताला लगा होने की बात ग्रामीणों ने कही।
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ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत भवनों पर लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद नियमित संचालन, साफ-सफाई और रखरखाव की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। इससे गांव में ही सुविधाएं उपलब्ध कराने की सरकारी मंशा प्रभावित हो रही है।
खंड विकास अधिकारी महेवा बृज बिहारी त्रिपाठी ने बराऊख का भवन जल्द पूरा कराने की बात कही। गौतमपुरा के पंचायत भवन और शौचालय से संबंधित मामले डीपीआरओ के अंतर्गत बताए।














