लखनऊ: उत्तर प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की किल्लत की अफवाह फैलने के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। जिलाधिकारियों और जिलापूर्ति अधिकारियों ने स्पष्ट आदेश जारी कर दिए हैं कि पेट्रोल-डीजल अब बोतल, कैन, जेरिकन या किसी भी खुले कंटेनर में नहीं बेचा जाएगा। केवल वाहनों की टंकी में ही ईंधन भरा जाएगा।
ईंधन की अफवाह पर प्रशासन का सख्त एक्शन, बोतल-कैन में पेट्रोल-डीजल बेचने पर पूरी रोक
प्रशासन ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए यह सख्ती बढ़ाई है। अधिकारियों ने कहा कि अवैध भंडारण और पैनिक खरीदारी से आग लगने या अन्य दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है। यदि कोई पंप संचालक या ग्राहक इस नियम का उल्लंघन करता पाया गया तो उसके खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज की जाएगी।
अधिकारियों का स्पष्ट संदेश
जिलापूर्ति अधिकारियों ने सभी पेट्रोल पंप संचालकों को लिखित निर्देश जारी किए हैं कि वे केवल वाहनों में ही ईंधन दें। अफवाह फैलाने या अनावश्यक स्टॉक करने वालों पर भी नजर रखी जा रही है। उन्होंने साफ कहा है कि जिले में पेट्रोल, डीजल और LPG की कोई कमी नहीं है। पर्याप्त मात्रा में स्टॉक उपलब्ध है और आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है।
रसोई गैस के बाद अब ईंधन पर गहमागहमी
पिछले कुछ दिनों से रसोई गैस (LPG) की किल्लत की अफवाह के बाद अब पेट्रोल-डीजल को लेकर भी पैनिक स्थिति बन गई है। कई जिलों में लोग डिब्बे, भगोने और ट्रॉली लेकर पंपों पर पहुंच रहे हैं। इस स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने तुरंत सख्ती बरती है।
लोगों से अपील
प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल अपनी जरूरत के अनुसार ही पेट्रोल-डीजल खरीदें। जानबूझकर अफवाह फैलाने या अवैध भंडारण करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह सख्ती पेट्रोलियम उत्पादों की सुरक्षा और सुचारू आपूर्ति बनाए रखने के लिए की गई है। प्रशासन ने सभी जिलों में पेट्रोल पंपों पर निगरानी बढ़ा दी है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।























