रायबरेली: जनपद में बृहस्पतिवार से शुरू हुई झमाझम बारिश ने पिछले कई दिनों से उमस भरी गर्मी से बेहाल लोगों को बड़ी राहत दी है। सुबह से ही आसमान में छाए बादलों के बाद शुरू हुए तेज बारिश के दौर ने पूरे माहौल को सुहाना बना दिया है। तापमान में गिरावट दर्ज होने के बाद आम जनजीवन ने सुकून की सांस ली है। इस झमाझम मानसूनी बौछार ने न केवल शहरवासियों को गर्मी से निजात दिलाई है, बल्कि अन्नदाताओं के चेहरों पर भी मुस्कान बिखेर दी है।
धान की फसल के लिए संजीवनी बनी बारिश
विशेषज्ञों और किसानों के अनुसार, इस मानसूनी बारिश का सबसे बड़ा फायदा धान की फसल को हुआ है। पिछले कुछ दिनों से बारिश न होने के कारण खेतों में नमी कम होने लगी थी, जिससे धान की फसल के प्रभावित होने की आशंका सता रही थी। झमाझम पानी मिलने से धान की फसलों को नया जीवनदान मिला है। जिला कृषि अधिकारी अखिलेश पांडेय ने जानकारी दी कि बारिश से फसलों पर कीटों और रोगों का असर भी कम होगा| वर्तमान बारिश से फसल को उचित पोषण और नमी मिल रही है, जिससे बेहतर उत्पादन की उम्मीद बढ़ गई है।
इस बार जिले में कुल 1 लाख 61 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में धान की रोपाई की गई है, जिससे यह बारिश व्यापक स्तर पर फायदेमंद साबित हो रही है।
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आगामी सरसों की फसल के लिए भी अनुकूल माहौल
महज मौजूदा फसल ही नहीं, बल्कि आगामी रबी की फसल के लिए भी यह बारिश किसी वरदान से कम नहीं है। किसानों ने बताया कि लगातार हुई बारिश से खेतों में नमी का स्तर काफी बढ़ गया है।समय पर सरसों की बुवाई के लिए खेत में पर्याप्त नमी का होना अनिवार्य माना जाता है। इस मानसूनी बारिश ने खेतों को समय से तैयार करने के लिए सबसे अनुकूल परिस्थितियां उत्पन्न कर दी हैं, जिससे किसानों को आगामी बुवाई में काफी आसानी होगी।














