लखनऊ : उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में 69 हजार सहायक शिक्षकों की भर्ती मामले में बेसिक शिक्षा परिषद अब दोबारा नई चयन सूची तैयार करेगा। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान प्रदेश सरकार ने यह जानकारी दी।
सुप्रीम कोर्ट में सरकार का बड़ा बयान
सुप्रीम कोर्ट में उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने बताया कि हाईकोर्ट के 13 अगस्त 2024 के फैसले के आधार पर आरक्षण नियमों का पालन करते हुए नई चयन सूची तैयार की जाएगी।
सरकार ने स्पष्ट किया कि इस नई सूची में जो अभ्यर्थी पात्र पाए जाएंगे, उन्हें रिक्त पदों के आधार पर नियुक्ति दिए जाने पर विचार किया जाएगा।
2020 की भर्ती पर फैसला
यह भर्ती वर्ष 2020 में हुई थी। सरकार ने अदालत को बताया कि मामले की विशेष परिस्थितियों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। हालांकि, सरकार ने यह भी साफ किया कि इस आदेश को भविष्य के अन्य मामलों में precedent (मिसाल) के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट के महत्वपूर्ण निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि नियुक्ति केवल उन्हीं अभ्यर्थियों को दी जाएगी:
– जिनका नाम संशोधित चयन सूची में आएगा
– जिनके लिए रिक्त पद उपलब्ध होंगे
– जो निर्धारित न्यूनतम योग्यता पूरी करते होंगे
अदालत ने पूरी प्रक्रिया छह सप्ताह के अंदर पूरा करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही राज्य सरकार को अगली सुनवाई से पहले स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने को कहा गया है।
अगली सुनवाई 21 जुलाई को
मामले की अगली सुनवाई 21 जुलाई 2026 को नियमित पीठ के समक्ष होगी। इस फैसले के बाद उन हजारों अभ्यर्थियों में नई उम्मीद जगी है, जो पिछले कई वर्षों से संशोधित चयन सूची और नियुक्ति का इंतजार कर रहे थे।
यह फैसला परिषदीय स्कूलों में शिक्षक भर्ती की लंबे समय से चली आ रही अटकलों पर विराम लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।












































