मिर्जापुर: समाजवादी पार्टी के मिर्जापुर जिलाध्यक्ष देवी प्रसाद चौधरी के एक कथित बयान को लेकर जिले में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। भारतीय उद्योग व्यापार मंडल ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर बयान की जांच कराने और जांच में तथ्य सही पाए जाने पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। व्यापार मंडल का कहना है कि कथित बयान से व्यापारियों में भय और असुरक्षा का माहौल बन सकता है।
व्यापार मंडल के प्रदेश उपाध्यक्ष शैलेन्द्र अग्रहरि के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में मांग की गई है कि मामले से जुड़े वीडियो, ऑडियो, सोशल मीडिया पोस्ट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को सुरक्षित रखते हुए उनकी निष्पक्ष जांच कराई जाए। संगठन ने कहा कि यदि जांच में कोई दंडनीय अपराध सामने आता है तो भारतीय न्याय संहिता (BNS) की प्रासंगिक धाराओं के तहत विधिक कार्रवाई की जानी चाहिए।
यह विवाद हाल ही में भाजपा समर्थित सभासदों द्वारा विपक्षी नेताओं राहुल गांधी, अखिलेश यादव और अरविंद केजरीवाल के पुतला दहन के बाद शुरू हुए राजनीतिक घटनाक्रम से जुड़ा बताया जा रहा है। इसके विरोध में सपा और कांग्रेस ने प्रदर्शन करते हुए संबंधित लोगों पर मुकदमा दर्ज करने की मांग की थी। इसी प्रदर्शन के दौरान सपा जिलाध्यक्ष का कथित बयान सामने आया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद गहरा गया।
देवी प्रसाद चौधरी इससे पहले भी विवादों में रह चुके हैं। कुछ महीने पहले उनका एक कथित ऑडियो वायरल हुआ था, जिसमें उन पर अपनी ही पार्टी की एक महिला नेता से अभद्र भाषा में बातचीत करने का आरोप लगा था। उस घटना के बाद भी पार्टी के भीतर विरोध के स्वर सुनाई दिए थे। फिलहाल, ताजा मामले में पुलिस जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई और आरोपों की पुष्टि हो सकेगी।

















































