UP: आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव को दृष्टिगत यूपी में बीजेपी जिला प्रभारी नियुक्त होते ही पार्टी के अंधर खाने से लेकर आमजनों में विरोध के स्वर उभरने के साथ-साथ बहस छिड गई है।इसमें सुल्तानपुर जिला प्रभारी अव्वल दिखाई दे रहे हैं। बता दें कि बीजेपी सुल्तानपुर जिला प्रभारी बृजभूषण सिंह अपने गृह जनपद मिर्ज़ापुर नगर के राजस्थान इंटर कालेज में बतौर शिक्षक तैनात हैं, जहां से उन्हें प्रतिमाह एक मोटी रकम वेतन के तौर पर प्राप्त होती है, ऐसे में उनके बीजेपी सुल्तानपुर जिला का प्रभारी घोषित होते ही इस बात की चर्चा जोर पकड़ ली है कि भला वह एक साथ दोनों दायित्वों का निर्वहन कैसे कर पाएगें?
भारतीय जनता पार्टी से जुडे़े हुए कुछ पुराने पार्टी कार्यकर्ताओं से लेकर पदाधिकारियों ने नाम ना छापने की शर्त पर बताया कि पार्टी शीर्ष नेतृत्व से लेकर प्रदेश संगठन में कुछ लोग पुराने और समर्पित चेहरों को नकारते हुए विवाद को तहजीब देतें हुए ऐसे लोगों को आगे लाकर खडे किए जा रहे हैं जिससे स्वतः ही विरोध और विपक्ष को मुद्दा मिलता जाए।गौरतलब हो कि बीजेपी सुल्तानपुर प्रभारी बृजभूषण सिंह इसके पहले राजस्थान इंटर कालेज मिर्ज़ापुर में शिक्षक होते हुए भी बीजेपी के जिलाध्यक्ष पद पर बने हुए थें जिनको लेकर विरोध और आरोप प्रत्यारोप का खूब दौर चला था। जिसको लेकर पार्टी की न केवल खूब छिछालेदर हो चुकी है, बल्कि संगठन कई खेमों में बंटा हुआ नजर आया था।
इधर पिछले दिनों दिल्ली से लखनऊ तक जेन जी, जेन अल्फा छात्रों, नौजवानों के भारी विरोध प्रदर्शन के बाद भी पार्टी संगठन के लोग चेतने के बजाय विवादित चेहरों को पार्टी संगठन में पद दायित्व देकर खुद-ब-खुद विवादों को जन्म दे रहे हैं, ऐसे में लोगों का सवाल है कि क्या यह जानबूझकर किया जा रहा है या किसी दबाव मजबूरी या हड़बड़ी में लिया गया निर्णय कहा जा सकता है।पूर्व में बृजभूषण सिंह के मिर्ज़ापुर बीजेपी जिलाध्यक्ष रहते हुए छात्रों के भविष्य से खिलवाड़़ करने के साथ इनके तमाम विवादों में घिरे रहने के बाद एक बार पुनः बीजेपी ने इन्हें सुल्तानपुर का प्रभारी बनाकर विवादों को बैठे बिठाए हवा दे दिया है।














