वाराणसी सीरियल ब्लास्ट केस (Varanasi Serial Blast Case) में सजा का ऐलान कर दिया गया है. आतंकी वलीउल्लाह (Waliullah) को गाजियाबाद की अदालत ने फांसी की सजा सुनाई है. दरअसल 7 मार्च 2006 को वाराणसी के संकट मोचन और कैंट रेलवे स्टेशन पर धमाके हुए थे, इस घटना में 18 लोगों की मौत हुई थी. बता दें कि बनारस ब्लास्ट के आरोपियों पर से साल 2012 में अखिलेश यादव की अगुवाई वाली समाजवादी सरकार मुकदमा वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी, लेकिन इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सरकार के मंसूबों पर पानी फेर दिया था.
बता दें कि साल 2006 में वाराणसी में हुए सीरियल ब्लास्ट में 18 लोगों की मौत हुई थी, तो 100 से अधिक लोग घायल हुए थे. गाजियाबाद के जिला सत्र न्यायाधीश जितेंद्र कुमार सिन्हा ने वलीउल्लाह खान को भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज दो मामलों में सजा का ऐलान किया है.
वाराणसी सीरियल ब्लास्ट के आतंकी वलीउल्लाह खान को गाजियाबाद जिला एवं सत्र न्यायालय ने बीती 4 जून को दोषी करार दिया था. वहीं, सोमवार (6 जून) को सजा पर फैसला होना था. साल 2006 में वाराणसी में संकट मोचन मंदिर, दशाश्मेघ घाट और रेलवे स्टेशन पर धमाकों में 18 लोगों की मौत हुई थी. वहीं, वाराणसी सीरियल ब्लास्ट में 100 से अधिक घायल हो गए थे.
मदरसे से हुआ था गिरफ्तार
जबकि वाराणसी सीरियल ब्लास्ट मामले को लेकर बम स्क्वॉयड ने कोर्ट को बताया था कि धमाका बहुत भीषण था. वहीं, इस मामले में 16 साल की सुनवाई के दौरान 121 गवाह पेश किए गए. बचाव की पक्ष की तरफ से वलीउल्लाह खान के परिवार ने भी गवाही दी थी. उसके मां-बाप और पत्नी ने कहा था कि उसे पुलिस ने प्रयागराज के फूलपुर स्थित मदरसे से पकड़ा था.
प्रयागराज के फूलपुर के इस्लामाबाद गांव का रहने वाला है वलीउल्लाह
वाराणसी सीरियल ब्लास्ट का दोषी आतंकी वलीउल्लाह प्रयागराज के फूलपुर के इस्लामाबाद गांव का रहने वाला है. उसके चार भाई अलग-अलग जगहों पर रहते हैं. वहीं, वलीउल्लाह की पत्नी अपने दो बच्चों के साथ किसी रिश्तेदार के यहां रहती है. वलीउल्लाह को फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद उसके गांव में सन्नाटा पसर गया है.
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