वृंदावन: भारतीय क्रिकेट के पूर्व कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) और बॉलीवुड अभिनेत्री अनुष्का शर्मा (Anushka Sharma) ने एक बार फिर वृंदावन की आध्यात्मिक धरा को नमन किया। इस बार उनकी यात्रा पहले की तरह निजी या प्रोटोकॉल से घिरी नहीं थी। दोनों ने किसी विशेष सुरक्षा घेरे, VIP व्यवस्था या अलग बैठने की व्यवस्था के बिना हजारों श्रद्धालुओं के बीच सामान्य भक्त की तरह संत प्रेमानंद महाराज (Premananda Maharaj) के सत्संग में शामिल होकर अनोखी सादगी का नजारा पेश किया।
सत्संग में सामान्य भक्तों के बीच विराट-अनुष्का
वृंदावन के प्रसिद्ध आश्रम में आयोजित सत्संग में विराट और अनुष्का जमीन पर बिछी चादर पर अन्य भक्तों के साथ बैठे नजर आए। वे पूरी तरह सादगी में डूबे हुए थे, न कोई बॉडीगार्ड का घेरा, न कैमरों की चमक, न मीडिया का हुजूम। दोनों ने संत प्रेमानंद महाराज के प्रवचन को ध्यान से सुना, भजन-कीर्तन में शामिल हुए और ‘राधे-राधे’ के जयकारों में खो गए। यह दृश्य सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जहां लोग उनकी भक्ति और सादगी की तारीफ कर रहे हैं।
पहले की यात्राओं से अलग अनुभव
पिछली बार विराट-अनुष्का वृंदावन आए थे तो उनकी यात्रा काफी निजी और प्रोटोकॉल से घिरी थी। लेकिन इस बार उन्होंने जानबूझकर सादगी अपनाई। हजारों श्रद्धालुओं के बीच बैठकर सत्संग सुनना और भक्ति में लीन होना – यह उनका सबसे अनोखा और प्रेरणादायक रूप रहा। संत प्रेमानंद महाराज ने भी दोनों का स्वागत करते हुए कहा कि सच्ची भक्ति में कोई अमीर-गरीब, सेलिब्रिटी-आम आदमी का भेद नहीं होता।
सोशल मीडिया पर छाई तस्वीरें
सत्संग में मौजूद भक्तों ने मोबाइल से ली गई तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किए। इनमें विराट और अनुष्का सामान्य कपड़ों में, सिर झुकाए, आंखें बंद कर भक्ति में डूबे नजर आ रहे हैं। लोग लिख रहे हैं,’सेलिब्रिटी नहीं, सच्चे भक्त दिखे’, ‘सादगी की मिसाल’, ‘क्रिकेट और सिनेमा की चमक छोड़ भक्ति में डूबे विराट-अनुष्का’।
वृंदावन की आध्यात्मिक शक्ति का प्रमाण
विराट कोहली और अनुष्का शर्मा की यह यात्रा एक बार फिर वृंदावन की आध्यात्मिक शक्ति को प्रमाणित करती है। जहां दुनिया की चमक-दमक वाले लोग भी सादगी और भक्ति में डूब जाते हैं। संत प्रेमानंद महाराज के सत्संग में उनकी मौजूदगी ने हजारों श्रद्धालुओं को और प्रेरित किया। यह दृश्य न केवल भक्तों के लिए, बल्कि पूरी दुनिया के लिए सादगी और आस्था का संदेश है।












































