मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान करीब 1.06 करोड़ निराश्रित महिलाओं, वृद्धों और दिव्यांगजनों की पेंशन धनराशि बढ़ाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि बजट में इसकी घोषणा नहीं हुई थी, लेकिन हम इसमें इजाफा करने जा रहे हैं। सीएम की घोषणा के बाद पेंशन की धनराशि 1000 हजार रुपये से बढ़ाकर 1500 रुपये होगी। भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में भी इसकी घोषणा की थी।
सामाजिक पेंशन के दायरे में दिव्यांग, वृद्धजन एवं निराश्रित महिलाएं आती है। 2017 से पहले दिव्यांग पेंशन 300 रुपये और अन्य 500 रुपये महीना थी। योगी सरकार ने इसे बढ़ाकर 1000 रुपये महीना किया था। 2022 के घोषणापत्र में इसे बढ़ाकर 1500 रुपये महीना करने का वादा किया गया था। सीएम ने अब इस बढ़ोतरी का ऐलान किया है। हालांकि, बढ़ी धनराशि की तस्वीर बजट पर चर्चा के दौरान साफ होगी। प्रदेश में 67.50 लाख लोगों को वृद्धावस्था, 38.50 लाख महिलाओं को निराश्रित और 11 लाख लोगों को दिव्यांग पेंशन मिलती है।
मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले गरीबों को इंदिरा आवास योजना के तहत मात्र ₹20,000 दिए जाते थे, जो पर्याप्त नहीं थे और न ही आवास समय पर पूरे हो पाते थे। उस दौरान योजनाओं का लाभ सीमित वर्ग तक ही पहुंचता था। इसके विपरीत वर्तमान डबल इंजन सरकार नगरीय क्षेत्रों में ₹2.5 लाख और ग्रामीण क्षेत्रों में ₹1.20 लाख आवास निर्माण के लिए उपलब्ध करा रही है। इसके अतिरिक्त शौचालय निर्माण के लिए ₹12 से 15 हजार की अतिरिक्त सहायता दी जाती है। साथ ही मनरेगा के तहत 90 दिनों की मजदूरी के बराबर मानदेय भी लाभार्थी को प्रदान किया जाता है, जिससे घर निर्माण में आर्थिक सहयोग सुनिश्चित हो सके।
2027 में विधानसभा चुनाव होना है और उससे पहले अपने सरकार अपने संकल्प को पूरा करने की तैयारी में जुटी थी। इसके लिए बजट की व्यवस्था भी कर ली गई। बजट में इस बार वृद्धावस्था पेंशन के लिए 8950 करोड़ रुपये, निराश्रित विधवा महिला पेंशन योजना में 3500 करोड़ रुपये और दिव्यांगजन पेंशन योजना के लिए 1470 करोड़ रुपये दिए गए हैं। पेंशन राशि में एकमुश्त 500 रुपये बढ़ने पर सभी योजनाओं की पेंशन राशि 1500 रुपये प्रतिमाह हो जाएगी।
योगी सरकार के इस दांव से भाजपा को बड़ा चुनावी लाभ मिल सकता है। पेंशनर्स की संख्या के साथ उनके स्वजन को भी जोड़ा जाए तो यह बहुत बड़ा मतदाता वर्ग है और पूर्व में भी भाजपा इनका साथ मिलने की बात कहती रही है। अब पेंशन राशि बढ़ाने का संकल्प पूरा होने के बाद भाजपा चुनाव से पहले इसके प्रचार-प्रसार के सहारे समर्थन जुटाने की भी मुहिम चलाएगी। इससे विरोधियों के लिए चुनौती बढ़ने की आशंका है।
INPUT-ANANYA MISHRA













































