UP: उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य (keshav Prasad Maurya) ने समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) और कांग्रेस (Congress) पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि सपा में कार्यकर्ता नहीं, बल्कि गुंडे हैं। 2027 के विधानसभा चुनाव तो छोड़िए, 2047 तक भी विपक्ष की सत्ता में आने की चाह पूरी नहीं होगी। यह बयान उन्होंने अंबेडकरनगर जिले के भीटी के खजुरी गांव में शनिवार (14 फरवरी 2026) को आयोजित जनचौपाल में दिया। कार्यक्रम में उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों की कानून व्यवस्था और विकास कार्यों पर गंभीर आरोप लगाए, जबकि भाजपा सरकार की उपलब्धियां गिनाईं।
कानून व्यवस्था पर आरोप
डिप्टी सीएम ने सपा सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा कि उस समय गुंडागर्दी चरम पर थी। थाने गुंडे, अपराधी और माफिया चलाते थे, जबकि पुलिस अपराधियों से डरती थी। इसके विपरीत, भाजपा सरकार में अधिकारी अपनी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं और अपराधी पुलिस से डरते हैं। कई अपराधी उत्तर प्रदेश छोड़कर भागने को मजबूर हो गए हैं। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह गरीब परिवार से निकले नेता को देश का नेतृत्व करते नहीं देख सकता। विशेष रूप से, गरीब मां-बाप के बेटे नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री की कुर्सी पर देखकर विपक्ष जलता है। गरीब कल्याण को भाजपा सरकार की प्राथमिकता बताते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष गरीबों के विकास में रोड़े अटकाता है।
विकास और बिजली पर तुलना
केशव मौर्य ने सपा सरकार की तुलना भाजपा से करते हुए कहा कि सपा के समय बिजली आती नहीं थी, जबकि भाजपा में बिजली जाती नहीं है। उन्होंने करोड़ों गरीबों को पक्के घर मिलने, महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और बड़ी संख्या में लखपति दीदी तैयार करने का जिक्र किया। डिप्टी सीएम ने विपक्ष पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया, कहा कि संविधान और आरक्षण पूरी तरह सुरक्षित हैं। भाजपा ‘सबका साथ, सबका विकास’ के सिद्धांत पर काम कर रही है।
2027 चुनाव पर आह्वान
जनचौपाल में केशव प्रसाद मौर्य ने 2027 विधानसभा चुनाव में अंबेडकरनगर जिले की सभी सीटों पर कमल खिलाने का आह्वान किया। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे मतदाता सूची में अपना नाम जरूर जुड़वाएं। यह बयान यूपी की राजनीति में गर्माहट बढ़ा रहा है, जहां विपक्ष भी लगातार भाजपा पर हमले कर रहा है। डिप्टी सीएम का यह हमला सपा-कांग्रेस गठबंधन को सीधा जवाब माना जा रहा है, जो लोकसभा चुनाव के बाद विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटा है।













































