बंगाल में 60 लाख से ज्यादा लोगों के नाम काटे गए, जानें बंगाल में कब होगा चुनाव

बंगाल में एसआइआर की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद राज्य में संभावित तनाव और अप्रिय घटनाओं को रोकने के लिए राज्य पुलिस मुख्यालय ने कमर कस ली है। राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजी) और आइजीपी (कानून-व्यवस्था) ने संवेदनशील जिलों में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर कड़ी निगरानी रखने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को विशेष जिम्मेदारी सौंपते हुए तैनाती के निर्देश जारी किए हैं। निर्देश के अनुसार, इन अधिकारियों को शनिवार दोपहर 2.00 बजे तक अपने संबंधित क्षेत्रों में रिपोर्ट करने को कहा गया है। उनके ठहरने और भोजन की व्यवस्था संबंधित जिला पुलिस अधीक्षकों (एसपी) द्वारा की जाएगी। इस सुरक्षा रणनीति के तहत वरिष्ठ अधिकारियों को अलग-अलग जिलों की कमान सौंपी गई है।

पश्चिम बंगाल के चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर मनोज कुमार अग्रवाल ने शनिवार को कहा कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन(SIR) के बाद फाइनल वोटर लिस्ट पब्लिश हो गई है। उन्होंने बताया कि इस प्रोसेस के बाद राज्य में वोटरों की संख्या 7,04,59,284 हो गई है। अग्रवाल ने कहा कि इलेक्टोरल रोल रिवीजन प्रोसेस में फॉर्म-7 के जरिए 5,46,053 लाख से ज्यादा वोटरों के नाम हटाए गए और फॉर्म-6 और फॉर्म-6A जमा करके 1,82,036 वोटरों को शामिल किया गया। इस पूरे प्रोसेस में 61,78,245 लोगों के नाम काचे गए हैं।

राज्य चुनाव आयोग ने कहा कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान मार्च के दूसरे हफ्ते में होने की संभावना है। चुनाव कितने फेज में होंगे, इस पर लगातार अंदाजा लगाया जा रहा है। अधिकारी ने कहा कि वोटिंग तीन फेज में हो सकती है। आयोग की पूरी बेंच पहले ही तमिलनाडु और असम का दौरा कर चुकी है, लेकिन अभी तक पश्चिम बंगाल का दौरा नहीं किया है। अधिकारी ने कहा कि फ़ाइनल वोटर लिस्ट पब्लिश होने के बाद पूरी बेंच राज्य का दौरा कर सकती है।

INPUT-ANANYA MISHRA

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