‘क्यों न छुऊं पत्नी का पैर…’, जगदंबिका पाल और सांसद रवि किशन के बीच हुई मजेदार बातचीत सोशल मीडिया पर वायरल

लोकसभा में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पर चर्चा के दौरान माहौल गंभीर था, लेकिन इसी बीच गोरखपुर से सांसद और अभिनेता रवि किशन (Ravi Kishan) के एक बयान ने सदन का माहौल हल्का कर दिया। महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण देने वाले इस ऐतिहासिक विधेयक पर चर्चा चल रही थी।

रवि किशन का बयान

चर्चा में भाग लेते हुए रवि किशन ने अपने निजी जीवन का जिक्र करते हुए कहा कि वे अपनी पत्नी का बेहद सम्मान करते हैं और उनके प्रति आदर जताने में उन्हें कोई झिझक नहीं है। उन्होंने कहा कि वे अपनी पत्नी के पैर छूते हैं और इसे वे सम्मान और संस्कार का प्रतीक मानते हैं। उनके अनुसार पत्नी उनके लिए शक्ति का रूप हैं।

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सदन में गूंजे ठहाके, माहौल हुआ हल्का

रवि किशन के इस बयान के बाद सदन में मौजूद कई सांसद मुस्कुरा उठे और माहौल में हल्की हंसी भी गूंज उठी। उनके बेबाक अंदाज भरे बयान ने गंभीर चर्चा के बीच एक हल्का-फुल्का पल जोड़ दिया, जिससे कुछ देर के लिए सदन का वातावरण बदल गया।

जगदंबिका पाल की भोजपुरी टिप्पणी ने बढ़ाई रौनक

सदन का संचालन कर रहे जगदंबिका पाल (Jagadambika Pal) भी इस मौके पर मुस्कुराए बिना नहीं रह सके। उन्होंने भोजपुरी अंदाज में मजाकिया टिप्पणी करते हुए कहा कि रवि किशन की छवि पत्नीभक्त नेता के रूप में दूर-दूर तक फैल गई है। उनकी इस टिप्पणी पर भी सदन में हंसी का माहौल बन गया।

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ऐतिहासिक बिल और महिला सशक्तिकरण पर जोर

पूरी चर्चा का केंद्र ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ ही रहा, जिसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। रवि किशन ने इस विधेयक को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह देश की आधी आबादी के लिए नए युग की शुरुआत है, जो राजनीति में महिलाओं की भागीदारी को मजबूत करेगा।

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