गोण्डा: कलेक्ट्रेट सभागार में मंगलवार को जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन की अध्यक्षता में उद्योग बंधु, व्यापार बंधु एवं श्रम बंधु की बैठक हुई। इसमें उद्यमियों, व्यापारियों और श्रमिकों से जुड़ी समस्याओं की समीक्षा की गई। पदाधिकारियों ने विभिन्न समस्याएं और सुझाव डीएम के सामने रखे।
डीएम ने संबंधित अधिकारियों को समस्याओं का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने के निर्देश दिए।बैठक में शहर में जाम और अतिक्रमण का मुद्दा प्रमुखता से उठा। डीएम ने नगर मजिस्ट्रेट, एसडीएम और सीओ सिटी को संयुक्त रूप से शहर के प्रमुख मार्गों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दुकानदार सड़क और पटरी पर सामान न रखें। इससे यातायात प्रभावित होता है। निर्देशों का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई लगातार जारी रखने को कहा।
जलभराव के स्थायी समाधान पर जोर। नगर क्षेत्र में जलनिकासी की समस्या को लेकर डीएम ने नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी को बड़े नाले के निर्माण के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए व्यावहारिक और प्रभावी योजना तैयार की जाए।विद्युत सखियों को सक्रिय करने के निर्देश। विद्युत व्यवस्था की समीक्षा के दौरान डीएम ने आपूर्ति और बिल व्यवस्था बेहतर करने को कहा। ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत सखियों को सक्रिय कर उनके माध्यम से उपभोक्ताओं को समय से बिजली बिल जमा कराने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए। इससे उपभोक्ताओं को सुविधा मिलने के साथ विभाग की राजस्व वसूली भी बढ़ेगी।
डीएम ने कहा कि उद्योग, व्यापार और श्रम क्षेत्र से जुड़े लोगों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए। बैठक में सीडीओ दयानंद प्रसाद, नगर मजिस्ट्रेट पंकज वर्मा, एएसडीएम अशोक कुमार गुप्ता, सीओ सिटी, डीसी उद्योग बाबूराम, एलडीएम विनोद तिवारी, खादी ग्रामोद्योग अधिकारी महेंद्र कुमार मिश्र, एक्सईएन विद्युत राम मोहन पाण्डेय सहित अन्य अधिकारी और संबंधित पदाधिकारी मौजूद रहे।



